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भाई की मौत के बाद संपत्ति को लेकर विवाद, बहन और बहनोई पर कब्जे का आरोप; 4 महीने से बंटवारे के लिए भटक रहा परिवार

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गाजियाबाद में भाई की मौत के बाद पैतृक संपत्ति और कीमती सामान के बंटवारे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गगन विहार निवासी राममूर्ति ने आरोप लगाया है कि उनके भाई विजय की करीब चार महीने पहले मौत होने के बाद उनकी बहन उर्मिला और बहनोई रमेश ने भाई की संपत्ति, बाइक और अन्य कीमती सामान पर कब्जा कर लिया है। आरोप है कि संपत्ति की रजिस्ट्री समेत जरूरी दस्तावेज भी उनके कब्जे में हैं और परिवार के अन्य सदस्यों को उनका हिस्सा नहीं दिया जा रहा।

राममूर्ति के मुताबिक उनके भाई विजय मेडिकल एक्स्ट्रा टेक्नीशियन के तौर पर काम करते थे। उनके पास एक बाइक के अलावा अन्य कीमती सामान और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज थे। भाई की मृत्यु के बाद संपत्ति के बंटवारे की उम्मीद थी, लेकिन आरोप है कि बहन उर्मिला और उनके पति रमेश ने मिलकर संपत्ति और सामान अपने कब्जे में ले लिया।

पीड़ित का कहना है कि भाई की मृत्यु को करीब चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक संपत्ति का उचित बंटवारा नहीं किया गया। आरोप है कि जब वह अपने हिस्से की मांग करते हैं तो उन्हें टाल दिया जाता है। रजिस्ट्री और अन्य जरूरी कागजात भी वापस नहीं किए जा रहे हैं।

राममूर्ति ने बताया कि वह ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। इसी वजह से उन्हें कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया समझने में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि अपनी समस्या लेकर कई जगह गुहार लगाने के बावजूद उन्हें अब तक उचित राहत नहीं मिल सकी है।

पीड़ित परिवार की मांग है कि भाई विजय की संपत्ति, बाइक, कीमती सामान और जमीन-मकान से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित संपत्ति के वैध वारिसों की पहचान कर कानून के अनुसार बराबर का हिस्सा दिलाया जाए।

राममूर्ति का आरोप है कि करीब चार महीने से वह मानसिक और आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि भाई की मौत के बाद परिवार को उम्मीद थी कि संपत्ति का न्यायपूर्ण बंटवारा होगा, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। अब उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और समय रहते कार्रवाई की मांग की है।

मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़े वास्तविक अधिकार संबंधित दस्तावेजों, राजस्व अथवा पंजीकरण रिकॉर्ड और कानूनी जांच के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।

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