धर्मेंद्र की मौत ने पूरी इंडस्ट्री को हिला के रख दिया। उनके करीबी दोस्त अमिताभ बच्चन भी उनके निधन से भावुक हैं। उन्होंने आधी रात फेसबुक और एक्स पर पोस्ट साझा किए, जिसे देख फैंस की विचलित हो रहे हैं और अपने रिएक्शन साझा कर रहे हैं।
धर्मेंद्र के चले जाने ने पूरे परिवार और फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डाल दिया है। सबके लिए यह मान पाना बेहद मुश्किल है कि हमेशा मुस्कुराते, हंसी-मजाक से माहौल हल्का कर देने वाले धर्मेंद्र अब आसपास नहीं होंगे। अपने करीबी दोस्त को खोने का दर्द अमिताभ बच्चन बार-बार साझा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि शब्द भी उनका साथ छोड़ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और फेसबुक पर फिर से एक पोस्ट किया। धर्मेंद्र की मौत के 36 घंटे बाद देर रात आया ये पोस्ट लोगों का ध्यान खींच रहा है और लोग इसके देखने के बाद अपने रिएक्शन देने लगे हैं।
पोस्ट में अमिताभ ने ऐसा क्या कहा?
इस बार बिना किसी शब्द के अमिताभ बच्चन ने एक्स पर सिर्फ ‘T 5576 -‘ लिखा है। यह खामोश पोस्ट उनके बिखरे मन को पहले से ज्यादा बयां करता हुआ दिखा। फेसबुक पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द लिखा, ‘स्तब्ध’। उनकी इस चुप्पी को लोगों ने भी महसूस किया। किसी ने इसे ‘तूफान से पहले की खामोशी’ बताया, तो किसी ने कहा कि ‘बिना कुछ लिखे भी सब कह दिया।’ कुछ लोगों ने ‘शोले’ की यादें साझा करते हुए ऐसी तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें अमिताभ के साथ स्कूटर पर धर्मेंद्र की जगह खाली थी, मानो दोस्ती का वही खालीपन दिखाई दे रहा हो जो अब असल जिंदगी में भी रह गया है। एक शख्स ने लिखा, ‘हर किसी को किसी न किसी दिन जाना ही है।’ एक और यूजर ने लिखा, ‘अमिताभ किस हाल में होंगे, ये समझना आसान नहीं है।’
अंतिम संस्कार में पहुंचे अमिताभ
89 वर्ष की उम्र में लंबी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हुए, धर्मेंद्र ने 24 नवंबर 2025 को दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे अमिताभ की आंखें नम थीं और मन में अनगिनत यादें उमड़ रही थीं। उन्होंने अपने साथी, अपने यार को भारी दिल से विदा किया। बाद में उन्होंने एक भावुक पोस्ट लिखकर अपने दिल की बात कही।
एक्टर ने पहले किया था ये पोस्ट
अमिताभ ने लिखा था, ‘एक और साहसी दिग्गज हमसे बिछड़ गया। उन्होंने मंच से उतरते हुए अपने पीछे ऐसी खामोशी छोड़ दी है, जिसे सहना बेहद कठिन है। धरम जी महानता का प्रतीक थे, सिर्फ अपनी कद-काठी में नहीं, बल्कि अपने विशाल हृदय और अपनी सरलता में भी। वो अपने साथ पंजाब की मिट्टी की उस सच्ची खुशबू लेकर आए थे, जो उनके व्यक्तित्व में हमेशा झलकती रही। फिल्म उद्योग में अनगिनत बदलाव आए, लेकिन उनके स्वभाव में कभी नहीं। उनकी मुस्कान, उनका स्नेह, उनकी गर्मजोशी, ये सब हर मिलने वाले तक पहुंचते थे। आज उनके जाने से वातावरण सूना पड़ गया है। एक खालीपन, जो शायद कभी भर नहीं पाएगा। प्रार्थना है।’


