Wednesday, January 28, 2026

वैष्णो देवी के दर्शन की चाह में स्कूल से भागीं 7वीं की तीन छात्राएं, कानपुर से लखनऊ पहुंचते ही छूटी जम्मू की ट्रेन, फिर जो हुआ…

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रोजाना की तरह यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल के लिए निकलीं 3 छात्राएं स्कूल नहीं पहुंचीं तो परिजनो में हड़कंप मच गया। लापता होने के बाद सभी छात्राओं की मां थाने के बाहर रो-रोकर विलाप करने लगी। अनहोनी की आशंका जताते हुए उन्होंने पुलिस के सामने हाथ पैर जोड़े।

कानपुर: माता वैष्णो देवी के दर्शन की चाहत में तीन सहेलियां घर से भाग निकलीं, जिसने परिजनों को रुला दिया और पुलिस को घंटों खोजबीन में लगा दिया। दरअसल, जूही इलाके के सूर्य नारायण स्कूल में पढ़ने वाली ये टीनएजर्स छात्राएं काफी दिनों से जम्मू-कश्मीर घूमने और माता के दर्शन की प्लानिंग कर रही थीं। गुरुवार सुबह स्कूल जाने के बहाने घर से निकलीं, लेकिन सीधे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंच गईं। वहां से गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस पकड़कर लखनऊ रवाना हो गईं। वैष्णो देवी जाने वाली ट्रेन छूटने से योजना अधर में लटक गई और पुलिस ने देर रात उन्हें लखनऊ से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।

स्कूल के बहाने निकलीं तीनों छात्राएं
जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत जूही के बारादेवी लौधौरा निवासी सीमा सिंह के घर से हुई जहां उनकी 12 वर्षीय बेटी कृतिका कक्षा छठी में पढ़ती है। सुबह करीब 8 बजे वह अपनी सहेली इशिका गुप्ता (12, कक्षा सातवीं) और वैष्णवी सविता (13, कक्षा सातवीं) के साथ रोजाना की तरह यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल के लिए निकली लेकिन स्कूल नहीं पहुंचीं। स्कूल से अनुपस्थिति की सूचना मिलते ही परिजनो में हड़कंप मच गया और किदवई नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। तीनों एक ही मोहल्ले की रहने वाली और एक ही स्कूल की छात्राएं हैं। लापता होने के बाद सभी छात्राओं की मां थाने के बाहर रो-रोकर विलाप करने लगी। अनहोनी की आशंका जताते हुए उन्होंने पुलिस के सामने हाथ पैर जोड़े कि उनकी बच्चियों को सकुशल बरामद किया जाए। इसके बाद कानपुर पुलिस सख्त हो गई और जांच में तेजी लेकर आई।

साथ ले गईं परिजनों के मोबाइल
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने तुरंत दक्षिण क्षेत्र के सभी थानों की पुलिस और सर्विलांस टीम को अलर्ट किया। जिसके बाद हुई जांच में सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ कि सुबह 8:32 बजे तीनों कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर एक साथ पहुंचीं। पहचान छिपाने के लिए यूनिफॉर्म के ऊपर जैकेट पहन ली। वहां से कुशीनगर-पुणे एक्सप्रेस (गोरखपुर-पुणे) ट्रेन पकड़कर लखनऊ की ओर रवाना हो गईं। ऐसे में दो छात्राओं ने परिजनों के मोबाइल फोन भी साथ ले लिए थे।

स्कूल की टीचर ने क्या बताया?
आगे की सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर सुबह 11:15 बजे तीनों छात्राएं बाहर निकलीं, लेकिन जम्मू जाने वाली ट्रेन छूट जाने से कुछ देर में वापस स्टेशन के अंदर लौट आईं। जिसके बाद लखनऊ जीआरपी को सूचना मिलते ही आलमबाग स्टेशन की फुटेज चेक की गई, जहां तीनों अकेले नजर आईं। इनके साथ कोई पुरुष या साथी मौजूद नहीं था। स्कूल में पूछताछ के दौरान एक शिक्षिका ने बताया कि दो-तीन दिन पहले ये सहेलियां एक साथ खड़ी होकर जम्मू घूमने और वैष्णो देवी दर्शन की बात कर रही थीं। शुरुआत में लगा कि परिवार के साथ जाएंगी, लेकिन गुमशुदगी की खबर मिलते ही बात की गंभीरता समझ आई।

पुलिस ने लखनऊ से पकड़ा
किदवई नगर थानाक्षेत्र की पुलिस टीम ऐसे में बिना देर किए तुरंत लखनऊ रवाना हुई और देर रात तीनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया। सभी सुरक्षित हैं और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। डीसीपी चौधरी ने कहा, “बच्चों की यह हरकत खतरनाक थी, लेकिन सीसीटीवी और त्वरित कार्रवाई से सब ठीक हो गया।

बच्चियों को सकुशल पाकर सभी मां और परिवार के लोग फूट फूट कर रोने लगे। ऐसे में सभी नाबालिग छात्राओं ने परिजनों से माफी मांगी जिसके बाद माहौल सामान्य हो सका।

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