लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)। लखीमपुर खीरी जिले के नीम गांव निवासी दिवेश कुमार ने अपनी पत्नी कंचन, सास नीतू देवी और अन्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि उनकी शादी करीब तीन वर्ष पहले कंचन के साथ हुई थी। शुरुआती समय तक वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में पारिवारिक विवाद लगातार बढ़ते चले गए, जिसके चलते आज उनका परिवार बिखरने की कगार पर पहुंच गया है।
दिवेश कुमार का आरोप है कि शादी के दौरान उनकी पत्नी एक बार गर्भवती हुई थीं, लेकिन उनकी सास नीतू देवी के कहने पर गर्भपात करा दिया गया। उनका कहना है कि इस घटना के बाद से पति-पत्नी के रिश्तों में लगातार तनाव बना रहा और छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगे। हालांकि, उन्होंने कई बार रिश्ते को बचाने का प्रयास किया, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।
पीड़ित के अनुसार, कुछ दिन पहले पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद कंचन ने अपनी मां नीतू देवी को फोन कर विवाद की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद नीतू देवी अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंचीं और 22 जुलाई 2026 को कंचन को अपने साथ मायके ले गईं। दिवेश कुमार का दावा है पैसे से ड्राइवरी करते हैं और उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे कंचन पत्नी अपनी इच्छा से नहीं बल्कि मायके पक्ष के प्रभाव में घर छोड़कर गई है। पत्नी अपने साथ दो लाख के जेवर और ₹20000 नगद लेकर गई है
दिवेश कुमार का कहना है कि पत्नी के मायके जाने के बाद उन्होंने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी पत्नी ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। उनका आरोप है कि सास नीतू देवी लगातार यह कह रही हैं कि उनकी बेटी उनके पास नहीं है और जहां तलाश करना है कर लो। इतना ही नहीं, उन्होंने मितौली थाने में कंचन की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है, जबकि दिवेश कुमार का दावा है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी पत्नी अपने मायके में ही रह रही है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि यदि वह पत्नी को लेने या ससुराल पक्ष से बातचीत करने पहुंचे तो उनके साथ मारपीट कराई जाएगी। इन परिस्थितियों में वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
दिवेश कुमार ने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाई जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी पत्नी सुरक्षित है तो उसे सामने लाकर उसका स्वतंत्र बयान दर्ज कराया जाए, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट और धमकियों के माध्यम से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
फिलहाल मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



