नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-94 स्थित M3M Capasite, गेट नंबर 3 पर काम करने वाले करीब 18 से 20 SFS सिक्योरिटी गार्डों ने वेतन नहीं मिलने को लेकर गंभीर शिकायत की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से कंपनी के निर्माण स्थल पर SFS सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मेहनत का पैसा नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक, बार-बार वेतन मांगने पर उन्हें आजकल भुगतान कर देने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक बकाया रकम नहीं दी गई है। इससे कर्मचारियों के सामने परिवार का खर्च चलाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित कर्मचारियों में संदीप यादव भी शामिल हैं, जो मूल रूप से इटावा के रहने वाले बताए गए हैं। संदीप यादव के अनुसार, उनके साथ काम करने वाले लगभग 18 से 20 अन्य कर्मचारियों की भी यही समस्या है। इन कर्मचारियों को प्रति व्यक्ति करीब 19,200 रुपये मासिक वेतन मिलने की बात बताई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि कोई तीन महीने से तो कोई चार से पांच महीने से काम कर रहा है, लेकिन कई लोगों को अब तक वेतन नहीं मिला है। कुछ कर्मचारियों ने करीब दो महीने का वेतन बकाया होने की बात भी कही है। ऐसे में अलग-अलग कर्मचारियों का बकाया वेतन और भुगतान की अवधि अलग हो सकती है।
कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन के संबंध में सुपरवाइजर बजरंगी, SFS सिक्योरिटी,
महेश – फील्डर विपिन भाटी – एरिया मैनेजर, कुलदीप यादव – ऑपरेशन मैनेजर
से कई बार संपर्क किया गया। हर बार उन्हें जल्द भुगतान होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। कर्मचारियों के मुताबिक, वे लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन जब मेहनताना मांगते हैं तो उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें इंतजार करने को कहा जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने उम्मीद की थी कि कंपनी प्रबंधन उनकी परेशानी को समझते हुए बकाया वेतन का भुगतान करेगा, लेकिन समस्या लगातार बनी हुई है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप कर्मचारियों को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का है। संदीप यादव और अन्य कर्मचारियों के अनुसार, जब वे अपने वेतन की मांग करते हैं और भुगतान के लिए दबाव बनाते हैं तो उन्हें कथित रूप से कहा जाता है कि यदि किसी ने ज्यादा हंगामा किया तो उसे लाठी-डंडों से पीटा जाएगा। हालांकि, इन धमकियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि कर्मचारियों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल वेतन बकाया रहने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके साथ व्यवहार से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करेगा।
कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। समय पर वेतन नहीं मिलने से घर का किराया, राशन, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा गार्डों की जिम्मेदारी निर्माण स्थल की सुरक्षा करना है, लेकिन खुद अपने मेहनताने के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान के संबंध में स्पष्ट तारीख नहीं बताई जा रही है, जिसके कारण उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। SFS सिक्योरिटी
गाड़ी के सभी कर्मचारी आत्महत्या करने को मजबूर है
कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराकर बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सभी प्रभावित कर्मचारियों के कार्यकाल, ड्यूटी रिकॉर्ड, वेतन संबंधी दस्तावेजों और भुगतान विवरण की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस कर्मचारी का कितना वेतन बकाया है। साथ ही, धमकी दिए जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और शिकायत करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कर्मचारियों के अनुसार, कार्यस्थल का पता नोएडा सेक्टर-94 स्थित M3M Capasite, गेट नंबर 3 है। फिलहाल कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष, बकाया वेतन की पुष्टि और संबंधित सुपरवाइजरों का जवाब उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले में सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें आश्वासन के बजाय उनके काम का पूरा मेहनताना दिया जाए और वेतन मांगने पर कथित धमकी देने की शिकायत की निष्पक्ष जांच हो।
विशेष संवाददाता कंचन की रिपोर्ट



