Thursday, October 22, 2026

दरभंगा में पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप, महिला से मारपीट कर सोने का लॉकेट और 50 हजार रुपये छीनने का आरोप; अब बच्चों के अपहरण और जान से मारने की धमकी से दहशत में परिवार

Must Read

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के आसी गांव में एक महिला ने मारपीट, गहने और नकदी छीनने तथा लगातार धमकियां दिए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता रुबी देवी का कहना है कि जुलाई 2025 में उनके पति मनोज कुमार साहू के साथ मारपीट की गई थी। जब वह बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके गले से सोने का लॉकेट छीन लिया गया और दुकान के गल्ले से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में घनश्यामपुर थाने में कांड संख्या 279/25 के तहत 4 अगस्त 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराए जाने का उल्लेख शिकायत में है।

पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद उन्हें घायल अवस्था में पहले बरदाहा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर किया गया। रुबी देवी का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद उनकी परेशानी समाप्त नहीं हुई। उन्होंने बाद में पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया कि कुछ आरोपितों की ओर से अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। महिला का कहना है कि धमकियों के कारण वह अपने परिवार और खासकर स्कूल जाने वाले दोनों बेटों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

सुबह दुकान पर पहुंचे लोगों पर पति को पीटने का आरोप

रुबी देवी ने अपने आवेदन में बताया कि 25 जुलाई 2025 को सुबह करीब 6:30 बजे वह घर पर थीं। उनके पति मनोज कुमार साहू घर के सामने सड़क के दूसरी ओर स्थित अपनी किराना दुकान खोल रहे थे। इसी दौरान परिवार के कुछ लोगों के वहां पहुंचने और हंगामा करने का आरोप है। रुबी देवी के मुताबिक, जब वह घर से बाहर निकलीं, तो उन्होंने अपने पति को मारपीट का शिकार होते देखा। उनका आरोप है कि गणपति साहू ने उनके पति को जमीन पर पटक दिया, जबकि शिवम साहू और कन्हैया साहू ने मुक्कों से उनके सीने और सिर पर वार किए। शोर सुनकर आसपास के लोग जुटे और बीच-बचाव कर मनोज कुमार को बचाया।

बीच-बचाव करने पहुंची महिला से भी मारपीट का आरोप

पीड़िता का कहना है कि इसी दौरान संतोष साहू कथित तौर पर बांस लेकर वहां पहुंचे और उनके पति पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाव किया। रुबी देवी के अनुसार, जब वह अपने पति को बचाने के लिए आगे बढ़ीं, तो लक्ष्मी कुमारी, कन्हैया साहू और अन्य लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलम देवी ने उनके बाल पकड़े और कुछ लोगों ने उन्हें थप्पड़-मुक्कों से पीटा। महिला का दावा है कि उन्हें जमीन पर पटककर घसीटा गया और बेरहमी से मारपीट की गई।

रुबी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव के बाद जब वह पानी लेने लगीं, तो दोबारा विवाद शुरू हो गया और कई लोगों ने मिलकर उन पर हमला किया। उनके मुताबिक, इस दौरान उनके गले से सोने का लॉकेट छीन लिया गया और किराना दुकान के गल्ले से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। शोर सुनकर ग्रामीणों के जुटने पर मामला शांत हुआ। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।

अस्पताल में कराना पड़ा इलाज, जान से मारने की धमकी का आरोप

रुबी देवी के आवेदन के अनुसार, मारपीट में घायल होने के बाद परिवार के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डीएमसीएच रेफर किया गया, जहां उनका इलाज हुआ। महिला का कहना है कि घटना के बाद भी आरोपितों की ओर से कथित तौर पर धमकियां दी जाती रहीं। उन्होंने अपने आवेदन में आशंका जताई कि उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर धमकाने का दावा

रुबी देवी ने पुलिस को दिए दूसरे आवेदन में दावा किया कि 30 जून 2026 और 1 जुलाई 2026 को कई अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उनके फोन पर कॉल आए। उनके मुताबिक, फोन करने वालों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि उन्हें धमकाया गया कि स्कूल जाने वाले उनके दोनों बेटों का रास्ते से अपहरण कर लिया जाएगा और उनकी हत्या कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अकेले मिलने पर उनके साथ गंभीर आपराधिक वारदात करने की धमकी दी गई।

पीड़िता का कहना है कि इन कॉल की रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है और पुलिस द्वारा मांगे जाने पर वह इसे प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन में कॉल आने के समय और कई मोबाइल नंबरों का उल्लेख भी किया गया है। हालांकि, कॉल करने वालों की पहचान, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और धमकियों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार परेशान, कार्रवाई की मांग

रुबी देवी के अनुसार, उनके परिवार पर पहले मारपीट की घटना का असर पड़ा और अब कथित फोन कॉल के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि दोनों बेटे स्कूल जाते हैं और धमकियों के कारण परिवार भयभीत है। पीड़िता ने घनश्यामपुर थानाध्यक्ष से पूरे मामले की जांच कराने, फोन कॉल की रिकॉर्डिंग की जांच करने और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

शिकायत में सात लोगों के नाम दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि, प्राथमिकी में दर्ज धाराओं, आरोपों और आगे की कार्रवाई की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आरोपित पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले के सभी पहलुओं की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

फिलहाल, रुबी देवी अपने परिवार की सुरक्षा और न्याय के लिए संबंधित अधिकारियों से मदद की उम्मीद कर रही हैं। उनका कहना है कि समय रहते उचित कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि बच्चों को लेकर जताई गई आशंकाओं का समाधान हो सके और परिवार भयमुक्त होकर रह सके।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली बेटी को लेकर मां की चिंता, सहेली पर ब्रेनवॉश कर परिवार से दूर करने और नशीली दवा देने का...

दिल्ली। के छावला स्थित बीएसएफ कैंपस के क्वार्टर नंबर 54, ए ब्लॉक से जुड़े एक पारिवारिक मामले में मां...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img