भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 20,160 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में सरकारी बैंकों ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सामूहिक रूप से रिकॉर्ड 49,456 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। ये दो बैंकों द्वारा लाभ में गिरावट दर्ज किए जाने के बावजूद सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। सरकारी यानी पब्लिक सेक्टर के सभी 12 बैंकों (PSBs) ने मिलकर वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई- सितंबर तिमाही में कुल 45,547 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया था। शेयर बाजारों में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, एसबीआई ने कुल 49,456 करोड़ रुपये की कमाई में अकेले 40 प्रतिशत का योगदान दिया।
भारतीय स्टेट बैंक ने कमाया सबसे ज्यादा 20,160 करोड़ का मुनाफा
भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 20,160 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है। प्रतिशत के हिसाब से चेन्नई स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक ने 58 प्रतिशत की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की और 1,226 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का स्थान रहा, जिसने 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,213 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया। इस तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों ने प्रॉफिट में बढ़ोतरी दर्ज की।
बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के लाभ में गिरावट
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का नेट प्रॉफिट 8 प्रतिशत घटकर 4,809 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 5,238 करोड़ रुपये था। वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का लाभ 10 प्रतिशत घटकर 4,249 करोड़ रुपये रह गया। इस अवधि में बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रॉफिट में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि केनरा बैंक के प्रॉफिट में 19 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक के प्रॉफिट में 14 प्रतिशत और इंडियन बैंक के प्रॉफिट में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।


