सीहोर की एक स्कूल बस का वीडियो सामने आया है, जिसमें बच्चे अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से छात्रों की जिंदगी को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मासूम बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जिसके बारे में जानकर आप भी परेशान हो जाएंगे। माता-पिता अपने बच्चों को घर के बाद सबसे सुरक्षित स्कूल में ही मानते हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। मनूबेन सांदीपनी स्कूल (CM राइज) की एक चलती बस में अचानक भीषण धुआं उठने से बच्चों के बीच हलचल मच गई और वह सभी अपनी जान बचाने के लिए स्कूल बस से भागने लगे। इस घटना का वीडियो भी सामने आ चुका है, जिसे देख मन बैचन हो जाएगा और अपने बच्चों को स्कूल बस में बैठने से डर लगने लगेगा।
स्कूल बस में धुआं फैलने से मचा हड़कंप
घबराए बच्चों ने चलती बस से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि हादसे में कोई बच्चा गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि बीती 22 जुलाई 2026 को ही जिला परिवहन कार्यालय में समिति द्वारा इन बसों की फिटनेस जांच का दावा किया गया था। ऐसे में महज तीन दिन बाद बस का यह हाल होना आरटीओ विभाग और गठित कमेटी की जांच प्रक्रिया पर सीधे सवाल खड़े करता है।
शिक्षा विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
जिला शिक्षा विभाग द्वारा फिटनेस के नाम पर 2 दिन पहले ही जिला परिवहन कार्यालय में सीहोर जिले की सभी सांदीपनि CM राइस की बसों को बुलाया गया था, जिसमें केवल अच्छी-अच्छी नई बसों को फिटनेस चेक करने के लिए भेज दिया गया, लेकिन जिस बसों में कमियां थी। उनको जिला परिवहन अधिकारी के सामने खड़ा नहीं किया गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिले में लंबे समय से बिना सुरक्षा मानकों के खटारा और जर्जर बसें दौड़ रही हैं, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी स्कूल बसों की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी संचालकों व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के विदिशा से इसी तरह की खबर सामने आई थी, जहां एक स्कूल बस नदी में गिर गई और हादसे के दौरान कई बच्चे घायल हो गए है



