Monday, August 10, 2026

केरल में वंदे मातरम् पूरा गाने के निर्देश पर बवाल, दबाव में VD सतीशन की सरकार, कांग्रेस नेता बोले- ‘गोली मार दो लेकिन…’

Must Read

कांग्रेस गठबंधन द्वारा शासित राज्य केरल में वंदे मातरम् पूरा गाने के निर्देश पर विवाद खड़ा हो गया है। इस कारण VD सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार दबाव में आ गई है। कांग्रेस के एक नेता ने ये तक कह दिया है कि भले ही उन्हें गोली मार दी जाए वे पूरा वंदे मातरम् नहीं गाएंगे।
वंदे मातरम् को पूरा गाने के निर्देश ने केरल में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इससे VD सतीशन की सरकार पर विपक्ष और उसके अपने राजनीतिक सहयोगियों, दोनों की तरफ से दबाव बढ़ गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस विवाद के केंद्र में 6 अगस्त को जारी किया गया केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा का एक सर्कुलर है, जिसमें आजादी के दिन से जुड़े कार्यक्रमों के तहत ‘वंदे मातरम’ को “पूरा” गाने का निर्देश दिया गया है।

कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किल स्थिति
इस आदेश ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक मुश्किल राजनीतिक स्थिति पैदा कर दी है। यह उस राज्य की बात है जहां कांग्रेस और CPI(M) दोनों ही पारंपरिक रूप से सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण को गाने का विरोध करते रहे हैं। CPI(M) ने इस सर्कुलर को मुद्दा बनाते हुए सरकार पर आरोप लगाया है कि वह संघ परिवार के राजनीतिक एजेंडे के आगे झुक गई है। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने इस मामले में सरकार पर तीखा हमला किया और सवाल उठाया कि धर्मनिरपेक्ष राजनीति का दावा करने वाली कांग्रेस सरकार ने ऐसा आदेश क्यों जारी किया।

क्यों शुरू हुआ विवाद?
चीफ सेक्रेटरी के सर्कुलर के अनुसार, केंद्र के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान (जिसे मूल रूप से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत शुरू किया गया था) के 2026 वाले संस्करण को ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित देशव्यापी कार्यक्रमों के तीसरे चरण के साथ जोड़ दिया गया है। इस एकीकरण को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति ने मंजूरी दी थी। लेकिन ‘वंदे मातरम’ को “पूरा” गाने का निर्देश ही वह बात थी जिसने एक प्रशासनिक सूचना को राजनीतिक विवाद में बदल दिया।

राज्यपाल के कार्यालय ने क्या कहा?
केरल लोक भवन की ओर इशारा करके विवाद से खुद को अलग करने की राज्य सरकार की शुरुआती कोशिश भी मुश्किल में पड़ गई है। राज्यपाल के कार्यालय ने राज्य सरकार पर ऐसा निर्देश जारी करने के लिए कोई भी दबाव डालने से इनकार किया, जिससे सरकार के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि पूरा वंदे मातरम् गाने का निर्देश मुख्य सचिव के संदेश में कैसे शामिल हो गया। बता दें कि इससे पहले केरल के पूर्व सीएम और विपक्षी नेता पिनाराई विजयन ने पूरा वंदे मातरम् गाने को अनिवार्य करने के निर्देश का विरोध किया है।

केरल में सेंसिटिव है वंदे मातरम् पर विवाद
केरल में यह विवाद खास तौर पर सेंसिटिव है क्योंकि वंदे मातरम् के बाद के छंदों को लेकर लंबे समय से पॉलिटिकल बहस चल रही है। CPI(M), कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और राज्य के कई दूसरे पॉलिटिकल ग्रुप्स ने पुराने समय से यह माना है कि बाद के हिस्सों में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े आह्वान और इमेजरी हैं और इसलिए, एक सेक्युलर राज्य में उन्हें ऑफिशियल गायन का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। BJP और उसके NDA सहयोगी लगातार इस बात को खारिज करते रहे हैं।

‘गोली मार दो लेकिन..’.- कांग्रेस नेता
इस पॉलिटिकल बैकग्राउंड में, चीफ सेक्रेटरी के लेटर ने नई बहस छेड़ दी है। केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजमोहन उन्नीथान ने यहां तक कह दिया कि भले ही उन्हें गोली मार दी जाए वे पूरा वंदे मातरम् नहीं गाएंगे। 15 अगस्त को आजादी के पर्व के दौरान केरलम की UDF सरकार का इस पर क्या रुख रहता है अब इसी बात पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

रक्षाबंधन पर रेलवे का तोहफा! यूपी-उत्तराखंड के बीच चलेंगी 6 स्पेशल ट्रेनें, जान लीजिए पूरा शेड्यूल

रक्षाबंधन पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए रेलवे ने राहत की खबर दी है। त्योहार...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img