Friday, August 21, 2026

पांच महीने की सैलरी अटकी, नौकरी से निकाला और पिस्तौल दिखाकर धमकाने का आरोप; सुपरवाइजर ने कंपनी मालिक पर लगाए गंभीर आरोप

Must Read

नई दिल्ली। बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले सुपरवाइजर मिथिलेश कुमार सिंह ने निजी सुरक्षा कंपनी पर करीब पांच महीने की वेतन राशि रोकने, नौकरी से निकालने और कथित तौर पर पिस्तौल दिखाकर धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि वह वर्ष 2019 से कंपनी में काम कर रहा था और उसे करीब 12 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। आरोप है कि फरवरी 2026 से लगातार पांच महीने तक उसका वेतन नहीं दिया गया और विरोध करने पर उसे काम से भी हटा दिया गया।

मिथिलेश कुमार सिंह के मुताबिक वह आरबीटीबी अस्पताल में सुपरवाइजर के तौर पर ड्यूटी करता था। यह अस्पताल सरकारी अस्पताल बताया गया है और जीटीबी नगर कैंप के आसपास स्थित होने की बात सामने आई है। पीड़ित का कहना है कि उसने वर्षों तक जिम्मेदारी से नौकरी की, लेकिन अब अचानक उसकी कई महीनों की मेहनत की कमाई रोक दी गई है।

पीड़ित के पास उपलब्ध पहचान पत्र के अनुसार उसका नाम मिथिलेश कुमार सिंह और पद सुपरवाइजर दर्ज है। पहचान पत्र पर गोरखा सिक्योरिटी सर्विसेज का नाम अंकित है। कार्ड पर कंपनी का पता एम-8, वर्धमान सिटी-2 प्लाजा, आसफ अली रोड, नई दिल्ली दिया गया है। पहचान पत्र पर इसकी वैधता 22 अक्टूबर 2025 से 21 अक्टूबर 2026 तक दर्ज है।

मिथिलेश का आरोप है कि वेतन मांगने पर उसे लगातार परेशान किया गया। उसका कहना है कि बकाया वेतन मांगने की वजह से उसके साथ कथित तौर पर दबाव बनाया गया और पिस्तौल दिखाकर डराने-धमकाने की कोशिश की गई। पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उसने पुलिस थाने में भी आवेदन दिया, लेकिन उसकी शिकायत पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से वह परेशान है।

पीड़ित के अनुसार कंपनी के मालिक के तौर पर आरके सिंह उर्फ राजकुमार सिंह का नाम सामने आता है। शिकायत में दो मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। मिथिलेश का दावा है कि संबंधित कंपनी अलग-अलग नामों से संचालित होती है और गोरखा सिक्योरिटी तथा गौरव नाम से भी इसका कामकाज चलने की बात सामने आई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मिथिलेश का कहना है कि उसके पास अस्पताल में ड्यूटी करने से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। उसने पुलिस से मांग की है कि अस्पताल और कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उसने किस अवधि में ड्यूटी की और उसका कितना वेतन बकाया है।

पीड़ित का आरोप है कि 2019 से काम करने के बावजूद जब उसने अपने हक की मेहनत की कमाई मांगी तो उसे कथित तौर पर नौकरी से ही बाहर कर दिया गया। पांच महीने का वेतन नहीं मिलने से उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उसका कहना है कि परिवार चलाने के लिए जिस नौकरी पर निर्भर था, वही अब विवाद का कारण बन गई है।

मिथिलेश कुमार सिंह ने पुलिस और संबंधित श्रम विभाग से मामले की जांच कराने, बकाया वेतन दिलाने और धमकी दिए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। साथ ही उसने सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

इस पूरे मामले में लगाए गए आरोप पीड़ित के बयान और उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। कंपनी संचालक आरके सिंह उर्फ राजकुमार सिंह या संबंधित सुरक्षा एजेंसी का पक्ष इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वेतन रोकने और धमकी देने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

खाड़ी देशों से 20 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी डिपोर्ट, जानें पड़ोसियों ने किए थे कैसे-कैसे कांड

खाड़ी देशों से मार्च से जुलाई के बीच 20 हजार से ज्यादा पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया गया है। सऊदी...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img