Thursday, September 10, 2026

सागर जहरीली शराब मामले में CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दी कार्रवाई की खुली छूट, IG और कमिश्नर बदले गए

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रभावित मरीज़ों और उनके परिवार वालों से मुलाक़ात की। उन्होंने सख़्त रुख़ अपनाते हुए प्रशासन को ज़हरीली शराब से हुई मौतों में शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की पूरी छूट दी
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर ज़िले में जहरीली शराब से हुई मौत के मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, आईजी और कमिश्नर को हटाकर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ IAS अधिकारी दिलीप कुमार को सागर संभाग का प्रभार संभालने का निर्देश दिया और वरिष्ठ IPS अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया। निर्देशों के अनुसार, दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त (कमिश्नर) के तौर पर कार्यभार संभाल लिया।
अब तक 15 लोगों की हो चुकी है मौत

सरकार की ओर कहा गया है कि लापरवाही और गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, न्यायिक जांच की अगुवाई कौन करेगा या रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा क्या होगी, इस पर तुरंत कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में ज़हरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 15 हो गई, क्योंकि इलाज के दौरान दो और पीड़ितों की मौत हो गई। मरने वालों में से एक व्यक्ति अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क का आरोपी है। एक अधिकारी ने बताया कि लगभग 40 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।

सीएम मोहन यादव ने मरीजों और पीड़ित परिजनों से की मुलाकात

वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती मरीज़ों और उनके परिवारों से मुलाक़ात की। उन्होंने सख़्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को ज़हरीली शराब से हुई मौतों में शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की ‘पूरी छूट’ दी और अवैध शराब के कारोबार के ख़िलाफ़ पूरे राज्य में सख़्त कार्रवाई का आदेश दिया। प्रभावित लोगों के इलाज की प्रगति के बारे में डॉक्टरों और रिश्तेदारों से जानकारी लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार इलाज का खर्च उठाएगी और पीड़ितों की अन्य सभी ज़रूरतों को भी पूरा करेगी। सरकार ने पहले ही मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी।
अधिकारियों को कार्रवाई करने की दी खुली छूट

ज़िला अधिकारियों के साथ ज़हरीली शराब से हुई मौतों पर समीक्षा बैठक करने के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमने प्रशासन को पूरी छूट दी है। जो कोई भी (जहरीली शराब से हुई मौतों में) शामिल पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ सबसे सख़्त कार्रवाई की जाएगी। सज़ा इतनी कड़ी होनी चाहिए कि कोई भी ऐसी गतिविधियों में शामिल होने और दोबारा लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कानूनी और अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए पूरे राज्य में निर्देश जारी किए गए हैं।

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