पश्चिम बंगाल के निवासी भजाहारी दास (Bhajahari Das) ने माइक्रोफाइनेंस कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (BFIL) के माध्यम से इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) से लिए गए लोन में अनियमितता का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने 4 जून 2026 को लगभग 55,460 रुपये का लोन लिया था, लेकिन उन्हें हाथ में केवल करीब 50 हजार रुपये ही दिए गए। उनका आरोप है कि लगभग 5 हजार रुपये यह कहकर रोक लिए गए कि बाद में दे दिए जाएंगे, लेकिन आज तक वह राशि नहीं मिली।
भजाहारी दास का कहना है कि उन्होंने लोन की नौ साप्ताहिक किस्तें समय पर जमा कर दी हैं, इसके बावजूद कंपनी की ओर से रोकी गई राशि का भुगतान नहीं किया गया। कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा कि पैसा जल्द मिल जाएगा, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
पीड़ित ने मीडिया के माध्यम से अपनी शिकायत सार्वजनिक करते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि लोन वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उन्हें उनकी बकाया राशि जल्द से जल्द दिलाई जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की है।
हालांकि, इस मामले में कंपनी का पक्ष सामने नहीं आया है। यदि कंपनी अपनी प्रतिक्रिया देती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



