मधुबनी। मधुबनी थाना लोखि है गांव का नाम छोरी है जिले से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक मामला सामने आया है। संतोष यादव का आरोप है कि उनकी पत्नी 19 जुलाई 2026 को घर छोड़कर चली गईं और अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गईं। पति का दावा है कि पत्नी कथित तौर पर प्रवीण कुमार नामक युवक के साथ चली गई हैं। पत्नी के घर से चले जाने के बाद दोनों बच्चों की जिम्मेदारी अब अकेले संतोष यादव पर आ गई है।
संतोष यादव के मुताबिक उनकी शादी को करीब सात वर्ष हो चुके हैं। दंपती के दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी शिवानी की उम्र करीब पांच वर्ष और बेटा सोनू करीब चार वर्ष का है। संतोष का कहना है कि पत्नी के अचानक घर से चले जाने के बाद दोनों बच्चे लगातार अपनी मां को याद कर रहे हैं। छोटे बच्चों की देखभाल और घर चलाने की जिम्मेदारी अब उनके ऊपर आ गई है।
पीड़ित पति का आरोप है कि उनकी पत्नी 19 जुलाई को घर से चली गईं। काफी तलाश करने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि वह प्रवीण कुमार नामक युवक के साथ गई हैं, जो बिहार के हड़बगा क्षेत्र के आसपास का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पत्नी किन परिस्थितियों में घर से गईं और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
संतोष का कहना है कि पत्नी के चले जाने के बाद वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि दो छोटे बच्चों की परवरिश अकेले करना उनके लिए काफी मुश्किल हो रहा है। बच्चों को समय पर खाना, पढ़ाई, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के साथ उनकी भावनात्मक देखभाल की जिम्मेदारी भी अब उन्हीं के कंधों पर है।
पति के मुताबिक घर में पहले सबकुछ सामान्य था, लेकिन अचानक पत्नी के चले जाने से पूरा परिवार टूट सा गया है। संतोष का कहना है कि वह बच्चों के सामने खुद को मजबूत रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन पत्नी के चले जाने का दुख उन्हें अंदर से परेशान कर रहा है। पीड़ित पति का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
संतोष यादव का कहना है कि वह अपनी पत्नी से किसी तरह का विवाद नहीं चाहते। उनकी पहली इच्छा है कि पत्नी वापस घर लौट आए और दोनों मिलकर बच्चों का पालन-पोषण करें। वह चाहते हैं कि यदि पत्नी वापस आती हैं तो पति-पत्नी आपसी मतभेद दूर कर शांतिपूर्वक परिवार चलाएं।
वहीं संतोष का कहना है कि यदि पत्नी उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं हैं तो वह कानूनी तरीके से तलाक चाहते हैं, ताकि वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आगे का फैसला कर सकें। उनका कहना है कि वह लंबे समय तक इस तरह असमंजस की स्थिति में नहीं रहना चाहते।
परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता दोनों मासूम बच्चों की है। पिता का कहना है कि बच्चों की मां से दूर होने का असर उनके मन पर भी पड़ रहा है। संतोष प्रशासन और पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई और पत्नी का पता लगाने में सहयोग की मांग कर रहे हैं।
संतोष ने अपील की है कि यदि उनकी पत्नी सुरक्षित हैं तो वह सामने आएं और बच्चों के भविष्य को देखते हुए बातचीत करें। पति का कहना है कि वह पत्नी को सम्मान के साथ घर वापस लाने के लिए तैयार हैं, लेकिन यदि वह साथ नहीं रहना चाहतीं तो कानून के अनुसार रास्ता अपनाया जाए।
फिलहाल संतोष यादव अपने दोनों बच्चों की अकेले देखभाल कर रहे हैं और पत्नी के लौटने या मामले का कानूनी समाधान होने का इंतजार कर रहे हैं। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित समाधान निकले।



