Monday, October 26, 2026

सीधी में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, महिला सुधा कुशवाहा ने लगाया मारपीट और परिवार को डराने का आरोप, छोटे बेटे का हाथ फ्रैक्चर होने का दावा

Must Read

दो साल से गाली गलौज और मारपीट झेलने का आरोप, 10 से 15 लोगों के हॉकी और अन्य हथियारों के साथ पहुंचने की शिकायत, कई आवेदन देने के बाद भी न्याय नहीं मिलने का दावा, परिवार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से लगाई गुहार

सीधी मध्य प्रदेश। सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र के बंधवा टोला से जमीन विवाद और कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। यहां रहने वाली सुधा कुशवाहा ने कुछ लोगों पर पिछले करीब दो वर्षों से जमीन को लेकर परेशान करने, गाली गलौज करने और बार बार विवाद करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि विवाद अब उसके परिवार की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। आरोप है कि 25 अक्टूबर 2026 को 10 से 15 लोग हॉकी और अन्य हथियार लेकर पहुंचे और उनके परिवार के साथ मारपीट की। सुधा का दावा है कि इस घटना में उनके छोटे बेटे के हाथ में गंभीर चोट आई और हाथ फ्रैक्चर हो गया। पीड़िता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जमीन विवाद को लेकर लगातार परेशान करने का आरोप

सुधा कुशवाहा के अनुसार, जमीन को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। उनका आरोप है कि कुछ लोग बार बार उनके घर पहुंचकर गाली गलौज और झगड़ा करते हैं। पीड़िता का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ शांति से रहना चाहती हैं, लेकिन लगातार हो रहे विवाद के कारण परिवार के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। उनका आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जाता है।

25 अक्टूबर की घटना से परिवार में दहशत

पीड़िता के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 को कई लोग बाइक से पहुंचे। सुधा का आरोप है कि करीब 10 से 15 लोगों के समूह ने हॉकी और अन्य हथियारों के साथ उनके परिवार को निशाना बनाया। इस दौरान मारपीट किए जाने का दावा किया गया है। पीड़िता के अनुसार, हमले में उनके छोटे बेटे के हाथ में चोट लगी, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। इस घटना के बाद से वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, घटना में शामिल बताए गए लोगों की भूमिका और चोट की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

पहले भी मारपीट की शिकायत देने का दावा

सुधा कुशवाहा ने अपने आवेदन में इससे पहले की घटनाओं का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, 29 नवंबर 2025 को चंपा सिंह, रमा सिंह, रोशनी सिंह, अमृता सिंह और पुष्पेंद्र सिंह समेत कुछ लोगों पर लाठी और टांगी लेकर घर में घुसने, अश्लील गालियां देने तथा मारपीट की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था। पीड़िता का कहना था कि उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए दूसरे के घर की तरफ भागकर मदद मांगी और 112 नंबर पर फोन किया। उनके मुताबिक, पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन बाद में उन्हें फिर से धमकियां दी गईं।

मां के साथ मारपीट और सिर में चोट लगने का भी आरोप

14 जुलाई 2026 को दिए गए एक अन्य आवेदन में सुधा कुशवाहा ने आरोप लगाया था कि 4 जुलाई 2026 को कुछ लोग उनके घर में घुस आए और उनकी मां के साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि उनकी करीब 80 वर्षीय मां के सिर में चोट लगी और वह बेहोश हो गई थीं। सुधा के अनुसार, वह अपनी मां को लेकर मड़वास थाने पहुंचीं और कार्रवाई की मांग की, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। इन आरोपों की पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों से पुष्टि होना अभी बाकी है।

रास्ता बंद करने और कुएं को पाटने का आरोप

पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि 13 जुलाई 2026 को उनके खेत की घेराबंदी तार से कर दी गई, जिससे आने जाने का रास्ता बंद हो गया। उन्होंने कुएं को पाट दिए जाने की शिकायत भी की है। सुधा का कहना है कि इससे उनके परिवार को आने जाने और पानी की व्यवस्था को लेकर परेशानी हो रही है। उनका आरोप है कि जमीन से जुड़े विवाद के कारण परिवार का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

सुधा कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने अलग अलग समय पर संबंधित अधिकारियों और पुलिस के समक्ष आवेदन देकर अपनी शिकायत रखी है। उनका आरोप है कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण विवाद बढ़ता जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।

प्रशासन से न्याय और परिवार की सुरक्षा की गुहार

लगातार विवाद और कथित मारपीट की घटनाओं से परेशान सुधा कुशवाहा अब प्रशासन से न्याय की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने बच्चों और बुजुर्ग मां की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वह चाहती हैं कि जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच हो, कथित मारपीट की घटनाओं की पड़ताल की जाए और परिवार को किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

अब सवाल यह है कि सुधा कुशवाहा की ओर से दिए गए आवेदनों और 25 अक्टूबर 2026 की कथित मारपीट की शिकायत पर संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं। मामले में निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

समुद्र में भारत की नई ताकत ‘मातंगी’, बिना इंसान के 1500 KM का सफर तय करने वाला स्वदेशी ऑटोनॉमस ड्रोन बोट

देश में निर्मित पहली ऑटोनोमस सरफेस बोट मातंगी भारत की समुद्री क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह बिना...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img