मुजफ्फरनगर। , लूट और जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उसने और उसके परिवार ने कई स्तरों पर शिकायत की, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे पीड़ित परिवार दहशत में है और नितिन आरोपियों के डर से अपने घर तक जाने से बच रहा है।
पीड़ित नितिन कुमार पुत्र बालकिशन के अनुसार, 1 अगस्त 2026 को वह अपने काम से गांव सठेड़ी लौट रहा था। गांव से करीब 500 मीटर पहले रास्ते में अनुज पुत्र बुदेश, लाल्ला उर्फ विवेक पुत्र कर्मवीर, संदीप पुत्र तेजपाल और शुभम पुत्र कृष्णपाल समेत कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर सभी ने एक राय होकर लोहे की रॉड से उसके सिर और छाती पर हमला कर दिया।
नितिन का आरोप है कि हमले में उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। आरोपियों के भाग जाने के बाद उसे किसी व्यक्ति ने सीएचसी खतौली पहुंचाया। गंभीर हालत होने पर चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे मुजफ्फरनगर स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे आईसीयू में उपचार दिया गया। पीड़ित के मुताबिक, 10 अगस्त को उसे अस्पताल से छुट्टी मिली।
नितिन ने यह भी आरोप लगाया कि वह अपने काम की जगह से करीब 70 हजार रुपये लेकर आया था, जो हमलावरों ने उसकी जेब से निकाल लिए। इसके अलावा उसके दो मोबाइल फोन भी ले लिए गए। घटना के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पीड़ित पक्ष के अनुसार पुलिस ने मौके से शुभम पुत्र कृष्णपाल को पकड़ा था और पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की बात कही गई।
पीड़ित के पिता बालकिशन ने 1 अगस्त को थाना रतनपुरी में लिखित शिकायत देने की बात कही है। इसके बावजूद पीड़ित का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी सभी आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। नितिन का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उसे तथा उसके भाई विजय को केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर धमकी दे रहे हैं कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया तो जान से मार देंगे। इन धमकियों के कारण नितिन अपने घर जाने से भी डर रहा है। उसका कहना है कि परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार भय बना हुआ है और किसी भी समय कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
नितिन ने 12 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और अपने तथा परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि उसने कई जगह आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक उसे अपेक्षित राहत नहीं मिली।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि गंभीर चोटों के बावजूद कार्रवाई में देरी से उसका परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। नितिन ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है



