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कर्ज के विवाद में युवक की हत्या की आशंका, रोटावेटर के नीचे क्षत-विक्षत हालत में मिला अजीत सिंह का शव; पिता ने तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

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कासगंज, उत्तर प्रदेश। खेत की जुताई के लिए घर से निकले युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित पिता ओम प्रकाश सिंह ने अपने पुत्र अजीत सिंह की मौत के मामले में तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पिता का आरोप है कि उनके बेटे को योजनाबद्ध तरीके से खेत पर ले जाया गया और उसके साथ मारपीट कर रोटावेटर के नीचे डाल दिया गया, जिससे उसका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे न्याय के लिए परेशान हैं और उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

प्रार्थी ओम प्रकाश सिंह, निवासी ग्राम बढ़ौला, थाना सिकंदरपुर वैश्य, जिला कासगंज के अनुसार, उनका पुत्र अजीत सिंह 10 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9 बजे टिंकू और पिंकू सुबह हमारे घर आए और हमारे चाचा को ट्रैक्टर के साथ अपने साथ ले गए। उनके जाने के करीब 30 मिनट बाद टिंकू और पिंकू का भाई रिंकू दो अज्ञात व्यक्तियों के साथ मोटरसाइकिल पर हमारे घर पहुंचा। रिंकू ने हमारे बाबा से पूछा कि क्या उसके दोनों भाई ट्रैक्टर लेकर चले गए हैं।

ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि उनके बेटे अजीत सिंह और शिकायत में नामजद बताए गए लोगों के बीच करीब दो लाख पचास हजार रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पिता के अनुसार, पैसों के इस लेनदेन को लेकर पहले भी कई बार कहासुनी और विवाद हुआ था। परिवार को संदेह है कि इसी विवाद के चलते अजीत के साथ गंभीर घटना को अंजाम दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर मिलकर योजना बनाई और अजीत को खेत पर ले जाकर उसके साथ वारदात की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पीड़ित परिवार के मुताबिक, जब उन्हें अजीत के साथ हुई घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। वहां अजीत रोटावेटर के नीचे दबा हुआ मिला और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान होने की बात कही गई है। पिता का आरोप है कि बेटे की हालत देखकर परिवार के लोग सदमे में आ गए। शिकायत में घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और घटना के समय किसी की ओर से मदद नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण, मौत की परिस्थितियों और आरोपित लोगों की संलिप्तता का निर्धारण जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।

ओम प्रकाश सिंह ने थाना सिकंदरपुर वैश्य के थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर मामले में तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार के लिए यह घटना असहनीय दुख का कारण बनी हुई है। बेटे की मौत के बाद परिवार जवाब चाहता है कि आखिर उसके साथ क्या हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। पिता चाहते हैं कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी तथ्यों की जांच करे और किसी भी दोषी को कानून से बचने का अवसर न मिले।

परिवार का कहना है कि न्याय पाने के लिए प्रयास करने के बावजूद उन्हें कहीं सुनवाई नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर मामले में समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित कराने की अपील की है। पीड़ित पक्ष की मांग है कि शिकायत को गंभीरता से लिया जाए, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जाए, संबंधित लोगों से पूछताछ की जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार को आशंका है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें न्याय मिलने में और देरी हो सकती है।

यह मामला एक युवक की संदिग्ध मौत और पैसों के कथित विवाद से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। शिकायतकर्ता ने जिन लोगों के नाम दिए हैं, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पीड़ित पिता की मांग है कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक घटनाक्रम सामने लाए और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करे। परिवार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है, ताकि बेटे की मौत से जुड़े सवालों का जवाब मिल सके और उन्हें समय रहते न्याय मिल सके।

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