Home National 10 साल की सेवा के बाद रेलवे कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप!...

10 साल की सेवा के बाद रेलवे कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप! ‘₹2 लाख दो या बंगले में काम करो’, अधिकारियों पर उत्पीड़न और धमकी का दावा

0
14

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जनपद के महाराजपुर थाना क्षेत्र निवासी एवं कानपुर सेंट्रल रेलवे में पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से ट्रैक मेंटेनर के पद पर कार्यरत उपेंद्र कुमार ने विभाग के दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि पिछले करीब ढाई महीने से उन्हें व्यवस्थित तरीके से नौकरी से हटाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

उपेंद्र कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने कथित दबाव का विरोध किया तो उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। उन्होंने section इंचार्ज राजेंद्र प्रसाद और अमित कुमार आजाद खान पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्य दिया जा रहा है, लेकिन उन्हें जानबूझकर काम से अलग रखा जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों द्वारा उनके फोन तक नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनसे ₹2 लाख की मांग की गई। उनका दावा है कि उनसे कहा गया कि यदि बंगले पर काम नहीं करना है तो ₹2 लाख देने होंगे, तभी आगे की कार्यवाही होगी। उपेंद्र कुमार का कहना है कि वह ट्रैक मेंटेनर के रूप में नियुक्त हैं और उन्हें कथित रूप से अधिकारियों के बंगले पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि वहां पहले से कई लोग कार्यरत हैं।

पीड़ित का यह भी कहना है कि उन्हें ड्यूटी से संबंधित मूवमेंट आदेश (Movement Order) नहीं दिया जा रहा और न ही उपस्थिति दर्ज करने के लिए साइन करने की सीट उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना है कि बिना किसी लिखित आदेश के उन्हें कार्य से वंचित किया जा रहा है, जिससे उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है।

उपेंद्र कुमार ने बताया कि हाल ही में उनके पिता स्वर्गीय रामकिशोर का निधन हो गया है। इसी बीच उनकी माता मुन्नी देवी का ऑपरेशन भी हुआ है। परिवार पहले से ही आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजर रहा है। उनकी पत्नी के अनुसार परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं और पिछले ढाई महीनों से लगातार उत्पन्न हुई परिस्थितियों के कारण पूरा परिवार तनाव में है।

पीड़ित ने रेलवे प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित ₹2 लाख की मांग और धमकियों की जांच करने, उन्हें नियमानुसार मूवमेंट आदेश उपलब्ध कराने तथा उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करना चाहते हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

फिलहाल जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here