Tuesday, September 15, 2026

वॉटर सप्लाई चालक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप! हत्या का आरोप, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा परिवार, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

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नागौर (राजस्थान)। नागौर जिले के मेड़ता सिटी में एक वॉटर सप्लाई चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक मनोज की मां विमला देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। उनका कहना है कि घटना के कई महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला और परिवार लगातार पुलिस व प्रशासन के चक्कर लगाने को मजबूर है।

पीड़िता विमला देवी के अनुसार उनका पुत्र मनोज एक निजी पानी के प्लांट पर वॉटर सप्लाई का कार्य करता था और रोज की तरह 3 मई 2026 की सुबह काम पर गया था। आरोप है कि शाम को प्लांट में काम करने वाला गोविंद उनके घर पहुंचा और मनोज का मोबाइल फोन सौंपते हुए बताया कि मनोज अस्पताल में भर्ती है। जब वह राजकीय अस्पताल पहुंचीं तो वहां उन्हें अपने बेटे का शव मिला।

परिजनों का आरोप है कि मनोज के सिर, चेहरे, आंख और पैरों सहित शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान थे। उनका दावा है कि मनोज की बेरहमी से मारपीट कर हत्या की गई और बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। परिवार का कहना है कि घटना की परिस्थितियां अत्यंत संदिग्ध हैं और अब तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में पानी के प्लांट संचालक कमल झंवर, उनके पुत्र माधव झंवर, दाल मिल संचालक मधुसूदन गट्टाणी, गोविंद तथा अन्य लोगों के विरुद्ध हत्या सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू करने का उल्लेख किया है।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस, प्रशासन और अन्य सक्षम अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि मामले की जांच की गति बेहद धीमी है, जिससे परिवार मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान है। उन्होंने राज्य सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें केवल न्याय चाहिए। उनका आग्रह है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए भी जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

नोट: यह समाचार पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत/दस्तावेजों पर आधारित है। संबंधित व्यक्तियों पर लगे आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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