Saturday, August 8, 2026

महाठगी का आरोप: 77 वर्षीय बुजुर्ग की जीवनभर की बचत फंसी, 70 हजार लेने के बाद लौटाए सिर्फ 15 हजार, डीजीपी से लगाई न्याय की गुहार

Must Read

मोहाली/चंडीगढ़। पंजाब के मोहाली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 77 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक महेंद्र दासर ने आरोप लगाया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 70 हजार रुपये की राशि ली गई। जब तय समझौते के अनुसार नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन उन्हें पूरा पैसा लौटाने के बजाय लगातार टालमटोल किया गया। अब उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित के अनुसार मोहाली स्थित क्राउन रूट से जुड़े संचालक हरि ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 70 हजार रुपये प्राप्त किए थे। जब तय शर्तों के अनुसार काम पूरा नहीं हुआ तो उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगी। काफी विवाद और बातचीत के बाद 16 जून 2026 को 55 हजार रुपये लौटाने का समझौता हुआ। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि दो सप्ताह के भीतर पूरी राशि वापस कर दी जाएगी, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया।

महेंद्र दासर का कहना है कि पुलिस अधिकारी राज मोहन एएसआई की ओर से भी कई बार यह आश्वासन दिया गया कि मामला जल्द सुलझ जाएगा और उनका पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन लंबे इंतजार के बाद 7 जुलाई 2026 को केवल 15 हजार रुपये ही लौटाए गए। इसके बाद शेष 40 हजार रुपये आज तक वापस नहीं किए गए। पीड़ित का आरोप है कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और पुलिस की ओर से भी अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा।

77 वर्षीय महेंद्र दासर ने अपनी शिकायत में भावुक अपील करते हुए कहा है कि यह उनकी जीवनभर की मेहनत की कमाई है। वृद्धावस्था में उन्हें दवाइयों, इलाज और दैनिक आवश्यकताओं के लिए इस धन की सख्त जरूरत है। लगातार चक्कर लगाने और इंतजार करने से उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि 8 अगस्त 2026 तक उनके बकाया 40 हजार रुपये वापस नहीं किए गए तो वे इस पूरे मामले को देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री तक ले जाएंगे।

पीड़ित ने डीजीपी पंजाब, मुख्यमंत्री कार्यालय, मोहाली पुलिस और एसएसपी मोहाली को ईमेल भेजकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि यदि उन्हें दोबारा चंडीगढ़ आना पड़ा तो उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि यह उनका चौथा चंडीगढ़ दौरा होगा और अब उनके पास यात्रा का खर्च उठाने तक के लिए पर्याप्त धन नहीं बचा है।

यह मामला केवल आर्थिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि जब एक वरिष्ठ नागरिक अपनी जीवनभर की बचत वापस पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हो जाए, तब व्यवस्था की जवाबदेही किसके प्रति तय होगी। अब सभी की निगाहें पंजाब पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित को समय पर न्याय और उसकी मेहनत की कमाई वापस मिल पाती है या नहीं।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

पांच करोड़ में खरीदने का आरोप, 10 लोगों के पास भेजकर महिला के साथ शोषण कराने का दावा; अश्लील वीडियो बनाकर बदनाम करने की...

पति को भी पीटकर अपाहिज करने का आरोप, एसपी-डीएसपी समेत कई अधिकारियों को दिए आवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img