Home Madhy Pradesh जमीन के वारिसाना विवाद में फर्जी गवाह पेश करने का आरोप, खरीदार...

जमीन के वारिसाना विवाद में फर्जी गवाह पेश करने का आरोप, खरीदार ने SDM आदेश को दी चुनौती

0
7

मैहर। जिले की तहसील मैहर क्षेत्र में जमीन के वारिसाना अधिकार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। कृष्णपुर निवासी सरदार सिंह रघुवंशी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 1984 में उनके द्वारा खरीदी गई जमीन पर बाद में फर्जी तरीके से वारिसाना दावा पेश किया गया। सरदार सिंह का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर फर्जी बहन बनकर एसडीएम न्यायालय में वारिसाना संबंधी आवेदन प्रस्तुत कर दिया।

सरदार सिंह के अनुसार उनके पिता आदित्य सिंह रघुवंशी का वर्ष 2012 में निधन हो चुका है। उनका आरोप है कि वर्ष 2023 के आसपास जमीन को लेकर दो महिलाओं ने खुद को उनकी बहन बताते हुए एसडीएम न्यायालय में वारिसाना प्रकरण पेश किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस मामले में सरपंच अवधेश की पत्नी को भी गवाह के रूप में पेश किया गया। सरदार सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित गवाह का परिवार से रिश्तेदारी का संबंध है और इसी वजह से गवाही की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

शिकायतकर्ता के मुताबिक मामले की सुनवाई के दौरान दस्तावेज और गवाह पेश किए गए। बाद में एसडीएम न्यायालय से वारिसाना संबंधी आदेश पारित कर दिया गया। सरदार सिंह का कहना है कि इस आदेश के खिलाफ उन्होंने रीवा संभाग के कमिश्नर न्यायालय में अपील या पुनरीक्षण की कार्रवाई शुरू की है। साथ ही जमीन से जुड़े अधिकारों को लेकर मैहर सिविल न्यायालय में भी मामला दर्ज कराया गया है।

सरदार सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले को लेकर कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की और अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के दौरान उनके वकील को बुलाकर मामले में हुई कथित गलती पर चर्चा की गई। हालांकि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों और आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

सरदार सिंह का कहना है कि उनके पास वर्ष 1984 में जमीन खरीदने की रजिस्ट्री मौजूद है और वह अपने वैध स्वामित्व को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि फर्जी दस्तावेज और गवाहों के आधार पर किसी व्यक्ति को जमीन का वारिसाना अधिकार दिया गया है तो इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here