पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा, पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में दाखिल किया आरोप पत्र, शिकायतकर्ता ने धमकी देने का भी लगाया आरोप
जौनपुर। सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के मखमेलपुर गांव में आगजनी के मामले को लेकर दर्ज मुकदमे में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का मामला अब पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने आरोप लगाया है कि मुकदमे में नामजद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के बाद दोबारा गांव में लौट आए हैं और खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं पुलिस जांच में मुकदमे की विवेचना पूरी होने तथा आरोप पत्र न्यायालय भेजे जाने की बात सामने आई है।
मखमेलपुर निवासी राजेश कुमार की पत्नी मालती देवी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर थाना सराय ख्वाजा में मुकदमा अपराध संख्या 21 वर्ष 2025 दर्ज किया गया था। पुलिस अभिलेख के अनुसार मुकदमा 10 जनवरी 2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 326 एफ के तहत सौरभ उर्फ गोली, परवीन, प्रिन्स और शनि के खिलाफ दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तीन जनवरी 2025 को गोमती को आग लगाए जाने के कारण उसमें रखा सामान जल गया। इसी मामले में उसकी पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। राजेश कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी अपने कमरों से चले गए थे, लेकिन बाद में वापस लौट आए और गांव में घूमने लगे।
मुंबई से भेजे गए अधिवक्ता के पत्र में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
राजेश कुमार की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता संतोष विश्वकर्मा ने 18 जनवरी 2025 को पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर मुकदमे में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। पत्र में दावा किया गया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी अपने कमरे से चले गए थे, लेकिन बाद में वापस आकर वहीं रहने लगे हैं।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी और उनके परिवार के सदस्य शिकायतकर्ता के परिजनों को धमकी दे रहे हैं। आरोप है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की थी।
पुलिस जांच में सामने आई अलग तस्वीर
मामले में क्षेत्राधिकारी सदर जौनपुर की ओर से 28 फरवरी 2025 को तैयार जांच आख्या में बताया गया कि मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक ऋषिदेव द्वारा पूरी की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन और अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई के आधार पर मुकदमे में आरोप पत्र संख्या ए 109 वर्ष 2025 दिनांक 15 फरवरी 2025 को न्यायालय भेज दिया गया।
जांच आख्या में पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि विवेचना के दौरान एफआईआर में नामजद किसी व्यक्ति का नाम हटाया नहीं गया और न ही कोई नया व्यक्ति प्रकाश में आया। गिरफ्तारी के संबंध में जांच आख्या में कोई विवरण दर्ज नहीं किया गया है।
पुलिस ने शिकायत में लगाए आरोपों को नहीं माना सिद्ध
क्षेत्राधिकारी की जांच रिपोर्ट में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जांच में आरोप सिद्ध नहीं हो रहे हैं। रिपोर्ट में कानून व्यवस्था की कोई समस्या सामने नहीं आने की बात भी दर्ज है।
राजेश कुमार प्रशासन से यही गुहार लग रहे हैं कि उनकी सुनवाई जल्द से जल्द की जाए



