बेगूसराय।* जिले के शाहपुर कमाल थाना क्षेत्र में करीब एक कट्ठा जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। पीड़ित भुलेटन कुमार का आरोप है कि पटना निवासी हंसराज सिंह उर्फ बस राज सिंह को पैसे देकर जमीन खरीदी गई थी। जमीन के संबंध में स्टांप पेपर पर लिखित दस्तावेज भी तैयार कराया गया था और परिवार का कहना है कि पिछले करीब आठ वर्षों से उस जमीन पर उनका कब्जा रहा है। वहां उनकी किराना दुकान भी संचालित होती थी। लेकिन अब जमीन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि पीड़ित परिवार खुद को बेदखल और असुरक्षित महसूस कर रहा है।
भुलेटन कुमार के अनुसार, उन्होंने हंसराज सिंह को भुगतान कर करीब एक कट्ठा जमीन खरीदी थी। जमीन की खरीद के समय मौखिक तौर पर पैसा दिया गया था उनका दावा है कि जमीन पर उनका पुराना कब्जा रहा है और उसी स्थान पर किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पीड़ित का आरोप है कि जमीन बेचने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर उसी भूखंड को किसी अन्य व्यक्ति को भी बेच दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। परिवार का कहना है कि करीब एक साल से इस जमीन को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है।
पीड़ित द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को वह अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान कुछ लोग कथित तौर पर दुकान में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि दुकान में रखे सामान की तोड़फोड़ की गई और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और घटना के बाद मौके से चले गए। इस घटना के बाद से परिवार भय और परेशानी के माहौल में जी रहा है।
भुलेटन कुमार ने इस मामले में जितेंद्र कुमार, ममता कुमारी यादव, सौरभ कुमार सहित अन्य लोगों पर मारपीट और जमीन पर कब्जा करने के प्रयास का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, जितेंद्र कुमार के पिता का नाम सुमित कुमार बताया गया है, जो पूर्व मुखिया रह चुके हैं। वहीं ममता कुमारी यादव और सौरभ कुमार को भी इस विवाद से जुड़ा बताया गया है। पीड़ित का आरोप है कि इन लोगों ने उनके साथ मारपीट कर संपत्ति और जमीन पर उनके अधिकार को प्रभावित किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जमीन खरीदने के बाद से ही वे वहां अपना कब्जा बनाए हुए थे और दुकान के माध्यम से रोजी-रोटी चला रहे थे। अब अचानक विवाद बढ़ने और दुकान में कथित तोड़फोड़ की घटना से उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। परिवार का आरोप है कि लंबे समय से चल रहे विवाद के बावजूद उन्हें अब तक ऐसा समाधान नहीं मिला, जिससे जमीन और दुकान को लेकर उनकी स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि एक ही जमीन अलग-अलग लोगों को बेचे जाने का आरोप सही है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? जमीन के दस्तावेज, भुगतान के प्रमाण, स्टांप पेपर और पुराने कब्जे की स्थिति की जांच के बाद ही वास्तविक तथ्यों का पता चल सकेगा। साथ ही कथित मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ की घटना की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भुलेटन कुमार और उनके परिवार ने जिला प्रशासन तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए, कथित दोहरी बिक्री के मामले में उचित कानूनी कार्रवाई हो तथा मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन पर कानूनी अधिकार और कब्जे की सुरक्षा दिलाने की भी गुहार लगाई है।
परिवार का कहना है कि वर्षों से मेहनत करके खरीदी गई जमीन और उसी पर चल रही दुकान को लेकर वे लगातार परेशान हैं। अब उन्हें प्रशासन से उम्मीद है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और समय रहते न्याय मिलेगा, ताकि परिवार अपनी रोजी-रोटी और संपत्ति को सुरक्षित रख सके।



