आगरा जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी दिवंगत मां की वर्षों पुरानी समाधि को बचाने के लिए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी मां की समाधि को हटाकर जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। विरोध करने पर उसे जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई है। मामले को लेकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त और स्थानीय थाना पुलिस को लिखित शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त शिकायत के अनुसार, आगरा के बरौली अहीर, शमशाबाद रोड, थाना एकता क्षेत्र निवासी निपेन्द्र सिंह पुत्र चन्दन सिंह ने बताया कि उनकी मां वीरावती की समाधि खसरा संख्या 411 में एक अक्टूबर 1997 को उनके पिता द्वारा बनवाई गई थी। उनका कहना है कि समाधि बनने के कई वर्षों बाद आसपास की जमीन को छोड़कर अन्य भूमि का विक्रय कर दिया गया था। बाद में वही जमीन कथित रूप से कृष्णकान्त पुत्र रामप्रताप के नाम बेच दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि वर्तमान में कृष्णकान्त उनकी मां की समाधि को हटाकर उस स्थान पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने कथित रूप से उन्हें जान से मारने, झूठे मुकदमे में फंसाने और उनकी मां की समाधि को पूरी तरह खत्म कर देने की धमकी दी। शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी ने कहा कि वह ऐसा करेगा कि समाधि का कोई सबूत तक नहीं बचेगा।
निपेन्द्र सिंह का कहना है कि यह केवल जमीन का विवाद नहीं बल्कि उनकी मां की स्मृति और परिवार की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी मां की समाधि को सुरक्षित रखा जाए और आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
पीड़ित ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस आयुक्त आगरा और थाना एकता के थानाध्यक्ष को भी भेजी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी मां की समाधि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



