सीधी। जिले की सिहावल तहसील के बेलगांव गांव (हल्का कोदौरा) में निजी जमीन पर कथित कब्जे और मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। भारतीय सेना में कार्यरत संतोष कुमार पटेल ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन खसरा नंबर 129/1/1/1 और 129/1/1/2 पर भोला प्रसाद पटेल द्वारा जबरन कब्जा कर मकान बनाया जा रहा है।
संतोष कुमार पटेल ने बताया कि उन्होंने करीब 3 साल पहले जमीन खरीदी थी। यह वही जमीन है — खसरा नंबर 129/1/1/1 और 129/1/1/2 — जिस पर कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है।
संतोष कुमार पटेल का कहना है कि सेना में सेवा के कारण उन्हें छुट्टी नहीं मिल पाती और वह अधिकांश समय ड्यूटी पर बाहर रहते हैं। इसी का फायदा उठाकर भोला प्रसाद पटेल उनकी जमीन पर अवैध काम करा रहे हैं और लगातार निर्माण करा रहे हैं।
उनका आरोप है कि जमीन पर पहले जाली लगाकर घेराबंदी की गई थी। भोला प्रसाद पटेल, उजागिर प्रसाद पटेल और उनकी बहन सोनिया पटेल द्वारा कथित तौर पर रात के समय जाली क्षतिग्रस्त कर दी गई और इसके बाद मकान निर्माण शुरू कर दिया गया। संतोष का दावा है कि करीब 20 मजदूर लगाकर तेजी से निर्माण कराया गया और अब छत डालने की तैयारी की जा रही है।
उनके अनुसार, 135/6 जमीन भोला प्रसाद पटेल की है, जिस पर उनकी बहन सोनिया पटेल ने घर बना लिया है।
संतोष पटेल ने बताया कि उन्होंने निर्माण रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि थाना अमिलिया में शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने तहसील और एसडीएम स्तर पर आवेदन देकर जमीन का सीमांकन कराने तथा निर्माण रुकवाने की मांग की।
पीड़ित का आरोप है कि नायब तहसीलदार विनोद पांडे, पटवारी राजेश द्विवेदी और टीआई राजेश अमिलिया विपक्षी पक्ष के साथ मिले हुए हैं और मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।
मामले में 31 अगस्त 2026 को संतोष कुमार पटेल द्वारा सीधी कलेक्टर को आवेदन दिया गया था, जिसमें जाली क्षतिग्रस्त कर जबरन निर्माण किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। साथ ही निर्माण रुकवाने और सीमांकन के लिए राजस्व टीम गठित करने की मांग की गई थी।
तहसील सिहावल के नायब तहसीलदार कार्यालय से 3 सितंबर 2026 को आदेश क्रमांक 883/प्रवा0/2026 जारी किया गया, जिसमें ग्राम बेलगांव की विभिन्न आराजियों के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक अमिलिया तथा संबंधित हल्का पटवारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम को दोनों पक्षों को सूचना देकर विधिवत सीमांकन और पैमाइश करने तथा रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारी अमिलिया को आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए सूचित किया गया है।
संतोष का आरोप है कि सीमांकन की प्रक्रिया चलने के बावजूद दूसरी ओर से निर्माण तेजी से जारी है। उनका कहना है कि रात में भी मजदूर लगाकर निर्माण कराया जाता है और उन्हें धमकी दी जा रही है कि जहां शिकायत करनी है कर लें।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि नायब तहसीलदार मौके पर निरीक्षण के दौरान भोला प्रसाद पटेल द्वारा पैसे देकर वापस भेज दिए जाते हैं। उनका कहना है कि टीम गठित कर सीमांकन होने के बाद भी उनकी जमीन का नंबर रिकॉर्ड से मिटा दिया गया, जो गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच तथा राजस्व अभिलेखों की दोबारा जांच की मांग की है।
इस संबंध में भोला प्रसाद पटेल, सोनिया पटेल, नायब तहसीलदार विनोद पांडे, पटवारी राजेश द्विवेदी तथा टीआई राजेश अमिलिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
जमीन पर वास्तविक स्वामित्व और कब्जे की स्थिति राजस्व अभिलेखों तथा मौके पर होने वाले आधिकारिक सीमांकन से स्पष्ट होगी। नायब तहसीलदार सिहावल द्वारा सीमांकन के लिए टीम गठित किए जाने के बाद अब राजस्व अमले की मौके पर होने वाली कार्रवाई और रिपोर्ट पर मामले की आगे की स्थिति निर्भर करेगी।



