इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में दान पेटियों से नोटों की गिनती की जा रही है। इन दान पेटियों से जहां बड़ी मात्रा में नकद रुपये मिले, वहीं सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्ट वॉच भी निकलीं।
इंदौर के विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में चढ़ावे की गिनती इस बार विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जा रही है। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर सामने आए विवाद के बाद मंदिरों में दान और चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ी है। इसी कड़ी में इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में भी दान पेटियां खोलने और चढ़ावे की राशि गिनने के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग, 4 CCTV कैमरों से नजर
खजराना गणेश मंदिर में चढ़ावे की गिनती का गुरुवार को तीसरा दिन है। मंदिर परिसर में दान पेटियों को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में खोला जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। चढ़ावे की गिनती के दौरान 5 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि चार सीसीटीवी कैमरों से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
2 दिन में कितनी रकम निकली?
मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ावे के लिए 40 से ज्यादा दान पेटियां रखी गई हैं। इन दान पेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खोला जा रहा है और इनमें जमा राशि की गिनती की जा रही है। अब तक 17 दान पेटियों से करीब 72 लाख रुपये की राशि प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि सभी दान पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद ही कुल चढ़ावे की अंतिम राशि स्पष्ट हो सकेगी।
सोने की चेन, चांदी के गणेशजी भी मिले
दान पेटियों में नकदी के साथ सोने की चेन, छोटी चांदी की गणेश प्रतिमा, 10 ग्राम चांदी का सिक्का और 2 स्मार्ट वॉच भी मिली हैं। इसके अलावा 10 साल पहले बंद हो चुके 1000 रुपये के पांच पुराने नोट भी मिले हैं। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि मन्नत पूरी होने पर भक्त पुराने नोट भी दान करते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है खजराना गणेश मंदिर
खजराना गणेश मंदिर इंदौर ही नहीं, बल्कि देशभर में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धानुसार दान भी करते हैं। ऐसे में दान पेटियों में जमा होने वाली राशि काफी महत्वपूर्ण होती है।
कड़ी सुरक्षा में चढ़ावे की गिनती
इस बार चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कैमरों की निगरानी और वीडियोग्राफी के बीच दान पेटियों को खोलने से लेकर राशि की गिनती तक की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मंदिर प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में चल रही इस प्रक्रिया का उद्देश्य चढ़ावे की राशि की गिनती को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखना है।
तीसरे दिन भी दान पेटियों से राशि निकालकर उसकी गिनती का सिलसिला जारी है। सभी पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद खजराना गणेश मंदिर को प्राप्त कुल चढ़ावे की राशि सामने आएगी।



