ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने नॉर्थ कोरिया की किम ह्योन सुक के खिलाफ लगातार तीन रोमांचक शूट-ऑफ जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी।
ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में उन्होंने चौथे स्थान पर खिसकने से खुद को बचाया, फिर सिल्वर के लिए शूट-ऑफ जीता और आखिर में गोल्ड के लिए टाई-ब्रेकर खेला, जहां चीन की शियाओ ने गोल्ड मेडल हासिल किया। इस बेहतरीन खेल के साथ ईशा ने एशियन गेम्स के रिकॉर्ड की बराबरी भी की। एशियन गेम्स 2026 में भारत अभी तक 39 मेडल जीत चुका है।
दबाव में ईशा ने की बेहतरीन वापसी
ईशा सिंह के लिए फाइनल की शुरुआत कठिन रही और वह तीसरे स्थान पर खिसक गईं, लेकिन उन्होंने दबाव में बेहतरीन वापसी की। 40 शॉट के बाद ईशा और नॉर्थ कोरिया की किम ह्योन सुक 34-34 अंकों की बराबरी पर थीं। इसके बाद दोनों के बीच तीसरे स्थान का फैसला करने के लिए रोमांचक शूट-ऑफ टाई-ब्रेकर खेला गया। तीसरे शूट-ऑफ में ईशा सिंह ने किम ह्योन सुक को 3-2 से हराकर कम से कम रजत पदक पक्का किया। किम को कांस्य पदक मिला।
गोल्ड मेडल मैच में चीन की खिलाड़ी से हुआ सामना
सिल्वर मेडल पक्का करने के बाद ईशा सिंह का मुकाबला गोल्ड मेडल के लिए चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ से हुआ। दोनों का स्कोर 38-38 से बराबर रहने पर गोल्ड के लिए दो बार शूट-ऑफ हुआ। पहले शूट-ऑफ में दोनों ने 4-4 निशाने लगाए, लेकिन दूसरे शूट-ऑफ में जियाओ ने तीन और ईशा ने दो सटीक निशाने लगाए, जिससे चीन की खिलाड़ी ने गोल्ड जीता और ईशा को सिल्वर मेडल मिला। सिल्वर मेडल जीतने के साथ ही इस एशियन गेम्स में एक बार फिर भारतीय शूटर्स ने देश का मान बढ़ाया।
मनु भाकर फाइनल में जगह बनाने से चूकी
मनु भाकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं और 11वें स्थान पर रहीं, जबकि भारत की टीम भी टॉप तीन में जगह नहीं बना सकी। प्रिसिजन सीरीज में खराब प्रदर्शन के कारण मनु इससे पहले 10 मीटर एयर पिस्टल में भी पदक नहीं जीत सकी थीं। हालांकि, ईशा सिंह आठवें स्थान पर रहते हुए व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहीं।



