Tuesday, September 1, 2026

भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कमर्शियल अड्डों पर बड़ी कार्रवाई, नगर निगम ने शुरू की सीलिंग, कई संस्थान बंद

Must Read

नोटिस के बाद अब भोपाल में सीलिंग कार्रवाई शुरू की गई, जिसके तहत रहवासी इलाकों में चल रहे कमर्शियल अड्डों को बंद किया जा रहा है। प्रतिष्ठानों पर तख्तियां लगाते हुए नगर निगम ने कमर्शियल अड्डों को बंद करा रहा है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी पर सीलिंग कार्रवाई शुरू हो गई है। सोमवार, 31 अगस्त से रेजिडेंशियल इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे कमर्शियल दुकानों पर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की और सुबह 9 बजे से ही सीलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी। नगर निगम की टीमें पुलिस के साथ पहुंचीं और नियमों के खिलाफ संचालित प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान हंगामे की संभावना को देखते हुए संबंधित थाने का बल तैनात रहा, लेकिन अब तक किसी तरह के हंगामे की खबर नहीं है।

राजधानी भोपाल में सीलिंग कार्रवाई
भोपाल में रेजिडेंशियल इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे कमर्शियल दुकानों पर नगर निगम ने सीलिंग कार्रवाई शुरू की। सोमवार से सीलिंग का पहला चरण शुरू हुआ, जिसके अंतर्गत रिहाइशी इलाके में चल रहे होटल, रेस्टोरेंट, कारखाने, गोडाउन, पब, बार, जिम और शादी हॉल जैसे प्रतिष्ठानों को नगर निगम ने चिह्नित किया। नगर निगम ने 8,264 दुकानदारों को नोटिस दिए थे, जिसके तहत आज नगर निगम 130 संपत्तियों को सील किया जाएगा। इसके तहत 6 विधानसभा क्षेत्रों के 16 इलाकों में सीलिंग कार्रवाई की जाएगी।

11 थानों का पुलिस बल रहेगा मौजूद
सीलिंग कार्रवाई के दौरान 500 से ज्यादा नगर निगम कर्मी और 11 थानों का पुलिस बल मौजूद रहेगा। नगर निगम के मुताबिक शहर के आवासीय क्षेत्र में तकरीबन 62000 व्यावसायिक संस्थान संचालित हैं। नगर निगम ने हुजूर इलाके के सर्वधर्म B सेक्टर में पहली सीलिंग कार्यवाही की, जहां होटल मालिक ने खुद ही होटल बंद कर दिया। इसके बाद कार्गो कोरियर कंपनी को सील किया गया। निगम ने मालिक को 10 मिनट का समय दिया था, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया।

सर्वधर्म इलाके में कई व्यावसायिक संस्थान को दिए नोटिस
सर्वधर्म इलाके में कई व्यावसायिक संस्थानों ने नगर निगम के नोटिस मिलते ही अपनी दुकानों को नगर निगम के आदेश अनुसार बंद कर दिया। नगर निगम की इस कार्रवाई का रहवासी भी समर्थन कर रहे हैं और निगम के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी के अंदर व्यावसायिक संस्थान के चलते रोड पर जाम हो जाता था, स्कूल की बसें और गाड़ियां निकल नहीं पाती थीं। वहीं दुकान संचालकों का कहना है कि उन्होंने निगम को कमर्शियल टैक्स चुकाया है, इसके बाद भी दुकानें बंद की जा रही हैं और चिंता जाहिर कर रहे हैं।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

सेना में तैनात जवान के मकान पर कब्जे का विवाद गहराया, किरायेदार के 7.60 लाख रुपये देने के दावे पर उठे सवाल

नीचे खबर को अधिक प्रभावी और विस्तृत समाचार शैली में तैयार किया गया है। आरोपों को तथ्य के रूप...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img