Sunday, September 13, 2026

तमिलनाडु के लिएनी छोड़ने के कावेरी का पाआदेश पर कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन तेज, किसानों ने निकाला मशाल जुलूस

Must Read

कर्नाटक की तरफ से तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि किसानों ने इसके खिलाफ मशाल जुलूस निकाला है। इसके अलावा, कई संगठनों ने पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ने के कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेश के खिलाफ कर्नाटक के मंड्या और मैसूरु जिले में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कार्यकर्ता नंजुंडे गौड़ा के नेतृत्व में किसानों ने श्रीरंगपट्टना में मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर कुवेम्पु सर्कल में मशाल जुलूस निकालकर CWRC के आदेश की निंदा की।

तमिलनाडु के लिए पानी न छोड़ें- किसान
प्रदर्शनकारियों ने राज्य में पानी की कमी का हवाला देते हुए कर्नाटक सरकार से आग्रह किया कि वह किसी भी हाल में तमिलनाडु के लिए पानी न छोड़ें। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार पानी छोड़ने के CWRC के निर्देश का पालन करती है, तो वे बड़े पैमाने पर और भी तेज आंदोलन करेंगे।

पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन का आह्वान
बता दें कि कन्नड़ संगठनों ने भी आज (बुधवार को) CWRC के आदेश के खिलाफ कावेरी डेल्टा जिलों के अलावा राज्य भर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इससे राज्य में हालात तनावपूर्ण हो सकते हैं।

कावेरी जल विनियमन समिति क्या है?
जान लें कि कावेरी जल विनियमन समिति केंद्र सरकार की तरफ से जून, 2018 में बनाई गई एक कमेटी है जिसका काम कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के बीच कावेरी नदी के पानी के बंटवारे और कंट्रोल पर नजर रखना है। यह कावेरी जल विनियमन समिति, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के निर्णय के अनुसार जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा को तय करने का काम करती है। तमिलनाडु में कावेरी नदी के पानी का महत्व आप ऐसे समझ सकते हैं कि 2021 में जब बरसात से पहले कावेरी नदी में पानी आ गया था तो महिलाओं ने दंडवत होकर पानी को नमन किया था। उसका स्वागत किया था।

कावेरी जल विवाद क्या है?
गौरतलब है कि कावेरी जल विवाद कर्नाटक-तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के पानी के हिस्से को लेकर एक पुराना कानूनी और राजनीतिक विवाद है। इसमें केरल और पुडुचेरी भी शामिल हैं। कावेरी नदी के उद्गम स्थल की बात करें तो यह कर्नाटक के कोडगु जिले में पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरि पहाड़ियों से निकलती है। इसका उद्गम स्थल पहाड़ी पर स्थित Talakaveri है। यह स्थान समुद्र तल से करीब 1 हजार 341 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। कावेरी नदी, कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर गुजरती है। फिर, तमिलनाडु में Poompuhar के पास आगे बंगाल की खाड़ी में समा जाती है।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

डॉक्टर के इलाज के बाद महिला की हालत बिगड़ने का आरोप, 20 से 25 हजार रुपए खर्च के बाद भी नहीं मिली राहत; समझौते...

पटना/गया। रेमा पंचायत इलाज के बाद महिला की हालत गंभीर होने और उपचार में हजारों रुपए खर्च होने का...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img