बॉम्बे हाई कोर्ट ने मानहानि के मामले एक में राहुल गांधी के खिलाफ मजिस्ट्रेट द्वारा साल 2019 में जारी किए गए समन को रद्द करने से इनकार कर दिया है। ये मामला राहुल गांधी द्वारा PM मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया है। सामने आई जानकारी न्यायमूर्ति एनआर बोरकर ने राहुल गांधी द्वारा दायर उस याचिका पर मंगलवार को आदेश पारित किया, जिसमें समन जारी करने वाले आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।
राहुल गांधी को 6 हफ्ते की राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणियों को लेकर दायर मानहानि याचिका को चुनौती देने वाली विपक्ष के नेता (LOP) राहुल गांधी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, अदालत ने राहुल गांधी को मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष उपस्थित होने से छह सप्ताह की राहत प्रदान की, जिससे राहुल गांधी को इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का समय मिल सके।
पूरे मामले के बारे में जानिए
जानकारी के अनुसार, मानहानि का ये मामला भाजपा नेता महेश श्रीश्रीमल द्वारा गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष दायर किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि सितंबर 2018 में गांधी ने राजस्थान में एक रैली आयोजित की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए थे। आरोप है कि मानहानिकारक बयान के कारण विभिन्न समाचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी को कथित रूप से ट्रोल किया गया।
राहुल पर हल्द्वानी में भी FIR
आपको बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी पर उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी FIR दर्ज की गई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगा है कि उन्होंने शुद्धिकरण की घटना को जातिगत रंग देने और सामाजिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश की। जानकारी सामने आई है कि इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा BNS की धारा 196 और 299 के तहत भी केस दर्ज किया गया है। दरअसल, बीते 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था। रैली के दो दिन बाद वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म किए जाने की घटना हुई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि खरगे के दलित होने के कारण उनके रैली के बाद ऐसा किया गया।



