अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ ग्राम पगसेड़ी निवासी शेर मोहम्मद पुत्र सूबेदार ने अपनी दुधारू भैंसों की अचानक हो रही मौत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि 2 नवंबर 2026 की सुबह उनकी भैंसों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पहले एक निजी डॉक्टर को बुलाकर इलाज कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद सरकारी पशु चिकित्सक और सरकारी अस्पताल से भी मदद लेने की कोशिश की गई, मगर उनके मुताबिक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
शेर मोहम्मद के अनुसार, भैंसों को पहले हल्का बुखार आता है और इसके कुछ ही समय बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। वे चारा-पानी खाना-पीना भी छोड़ देती हैं और फिर अचानक उनकी मौत हो जाती है। पीड़ित का दावा है कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने दो भैंसों को दम तोड़ते देखा। दोनों भैंसें दुधारू थीं, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ रोजी-रोटी की चिंता भी सताने लगी है।
पीड़ित ने बताया कि पशुओं की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए परिवार की ओर से हेल्पलाइन नंबर 181 पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी सहायता नहीं मिली। परिवार का कहना है कि न तो समय पर पशु चिकित्सक पहुंच रहे हैं और न ही कोई यह बता पा रहा है कि आखिर भैंसों को कौन-सी बीमारी हो रही है। बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं होने से बाकी पशुओं की जान बचाने को लेकर भी परिवार में डर बना हुआ है।
शेर मोहम्मद के मुताबिक, मृत भैंसों की कीमत और उनसे होने वाली दूध की आमदनी को मिलाकर करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि यदि बीमारी का समय रहते पता नहीं लगाया गया और अन्य पशुओं का उपचार नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। परिवार का आरोप है कि लगातार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
परिवार ने प्रशासन और पशुपालन विभाग के अधिकारियों से तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम भेजने, बीमार पशुओं की जांच कराने और मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने की मांग की है। साथ ही मृत पशुओं के नुकसान का आकलन कर उचित सहायता दिलाने की गुहार लगाई है। परिवार बहुत परेशान है और चाहता है कि मामले में समय रहते कार्रवाई हो, ताकि बाकी पशुओं को बचाया जा सके और उन्हें न्याय व राहत मिल सके। फिलहाल पशुओं की बीमारी और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



