अज्ञात व्यक्ति पर जबरन घर से निकालने और गरीब परिवार का आशियाना तोड़ने का आरोप, बेघर हुई आरती गौतम ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार; मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को आवास दिलाने की मांग
बहराइच। जिले के मझंवा तकुली क्षेत्र के मंसूर पुरवा, मझारा तौकली गांव की रहने वाली आरती गौतम के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बेहद गरीबी में जीवन गुजार रहे आरती गौतम और उनके परिवार के पास रहने के लिए एक छोटा सा कच्चा मकान था। आरोप है कि इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचा और उन्हें उनके घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, उनके आशियाने में तोड़फोड़ कर मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद परिवार के सिर से छत छिन गई और उन्हें बेघर होकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बड़ी मुश्किलों से बनाए गए छोटे से कच्चे मकान में परिवार किसी तरह गुजर-बसर कर रहा था, लेकिन कथित तौर पर घर में तोड़फोड़ और बेदखली के बाद उनके सामने रहने और परिवार को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
आरती गौतम का कहना है कि गरीब परिवार का आशियाना इस तरह उजाड़ देना बेहद पीड़ादायक है। आखिर एक गरीब परिवार कहां जाए और अपने बच्चों व परिजनों को लेकर कहां रहे। जिस छोटे से घर को उन्होंने अपना सहारा बनाया था, आज उसी के टूटने से उनका जीवन संकट में आ गया है।
इस मामले को लेकर प्रशासन से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह पता लगाया जाए कि किसके आदेश या अधिकार के तहत परिवार को घर से निकाला गया और मकान में तोड़फोड़ की गई। यदि किसी व्यक्ति ने कानून हाथ में लेकर ऐसा किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग भी उठाई गई है, ताकि आरती गौतम अपने परिवार के साथ सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन गुजार सकें।
अब प्रशासन से न्याय की उम्मीद
गरीबी से जूझ रहे परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनका आशियाना वापस कौन दिलाएगा। आरती गौतम ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय जांच कराने, जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और परिवार को रहने के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी गरीब परिवार को इस तरह बेघर नहीं होना चाहिए।



