रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में वाहन रोकने और दस्तावेज रखे जाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। राजस्थान के बीकानेर निवासी वाहन मालिक नूर मोहम्मद ने आरोप लगाया है कि 14 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे उनका 22 पहियों वाला मालवाहक ट्रक पुलिस ने रोक लिया। ट्रक गुजरात से माल लोड करके ओडिशा जा रहा था और उसे चालक राजाराम चला रहा था। नूर मोहम्मद का कहना है कि पुलिस ने वाहन के ओवरस्पीड में चलने की बात कही, लेकिन उनके मुताबिक न तो मौके पर चालान काटा गया और न ही वाहन से संबंधित दस्तावेज वापस किए गए। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित नूर मोहम्मद का कहना है कि उनकी गाड़ी में 400 लीटर टैंक पेट्रोल भरा हुआ था वह भी खाली कर दिया उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराकर वाहन और दस्तावेजों के संबंध में जल्द उचित कार्रवाई की मांग की है।
नूर मोहम्मद के अनुसार, उनका ट्रक गुजरात से माल लेकर ओडिशा की ओर जा रहा था। 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे रायपुर क्षेत्र में तेलीबांदा पुलिस स्टेशन के पास, घर के नजदीक वाहन को रोक लिया गया। ट्रक चालक राजाराम उस समय गाड़ी चला रहे थे। वाहन रोके जाने के बाद पुलिस की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि ट्रक निर्धारित गति से अधिक तेज चल रहा था। नूर मोहम्मद का कहना है कि यदि वाहन से यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ था, तो नियमानुसार चालान काटा जाना चाहिए था, ताकि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माना जमा कर सकें।
वाहन मालिक का आरोप है कि पुलिस ने चालान काटने के बजाय ट्रक के दस्तावेज अपने पास रख लिए और कथित तौर पर कहा कि उन्हें अदालत जाकर 25 हजार रुपये का चालान भरना पड़ेगा। नूर मोहम्मद का कहना है कि उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि वाहन को किस कानूनी आधार पर रोका गया है और दस्तावेज वापस लेने के लिए उन्हें क्या प्रक्रिया अपनानी होगी। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई का आधिकारिक विवरण और दस्तावेज जब्त किए जाने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड और पुलिस के पक्ष से ही स्पष्ट हो सकेगी।
नूर मोहम्मद का कहना है कि मालवाहक ट्रक उनके कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वाहन के रुक जाने से माल की डिलीवरी प्रभावित हो सकती है और कारोबार में नुकसान होने की आशंका है। लंबी दूरी तक माल परिवहन करने वाले वाहन के रुकने से चालक और वाहन मालिक दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि ओवरस्पीडिंग का मामला है, तो उसकी जांच संबंधित नियमों के अनुसार की जाए और जो भी वैधानिक जुर्माना बनता है, उसकी आधिकारिक जानकारी दी जाए।
वाहन मालिक ने यह भी मांग की है कि पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि ट्रक को किस आधार पर रोका गया, कौन-कौन से दस्तावेज अपने पास रखे गए और वाहन को छुड़ाने के लिए क्या कानूनी प्रक्रिया निर्धारित है। नूर मोहम्मद का कहना है कि वह नियमों के अनुसार कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें पारदर्शी प्रक्रिया और अपने वाहन के संबंध में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
मामले में वाहन का पंजीकरण नंबर RJ07GD 9292 बताया गया है। ट्रक चालक का नाम राजाराम बताया गया है, जिनका संपर्क नंबर 9001486127 है। वाहन मालिक नूर मोहम्मद ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए संबंधित प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वाहन लंबे समय तक खड़ा रहने से उन्हें और अधिक आर्थिक नुकसान हो सकता है।
अब इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। यदि वाहन के ओवरस्पीड में चलने का आरोप है, तो उसके समर्थन में उपलब्ध रिकॉर्ड, कार्रवाई की प्रक्रिया और दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं, यदि वाहन या दस्तावेज नियमानुसार रोके गए हैं, तो वाहन मालिक को संबंधित कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी जानी चाहिए। नूर मोहम्मद ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए और उनका वाहन जल्द से जल्द छुड़ाने में मदद की जाए।



