उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की एक रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल की एक रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। तीनों राज्यों में मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा।
आयोग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। वहीं, पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य रुक्मिणी मल्लिक के 16 जुलाई 2026 को इस्तीफा देने के बाद एक सीट रिक्त हुई थी। इस सीट का कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था। इस रिक्ति को भरने के लिए उपचुनाव कराया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम-
राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की जाएगी।
उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी।
उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा।
मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 तक संपन्न कर ली जाएगी।
यूपी से जिनका कार्यकाल हो रहा खत्म
अरुण सिंह- बीजेपी
गीता शाक्य- बीजेपी
नीरज शेखर- बीजेपी
बृजलाल- बीजेपी
रामगोपाल यादव- सपा
रामजी गौतम- बसपा
बी.एल. वर्मा- बीजेपी
सीमा द्विवेदी- बीजेपी
डॉ. दिनेश शर्मा- बीजेपी
हरदीप सिंह पुरी- बीजेपी
उत्तराखंड से-
नरेश बंसल- बीजेपी
इसमें 8 सीटें बीजेपी, 1 सपा और 1 बसपा की हैं। डॉ. दिनेश शर्मा का कार्यकाल भी 25 नवंबर तक था। लेकिन अंडमान और निकोबार का एलजी बनने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया, इसलिए उनकी सीट पर भी चुनाव होगा। सपा से पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बसपा से रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
रुक्मिणी मल्लिक ने राज्यसभा से दिया था इस्तीफा
पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सदस्य रुक्मिणी मल्लिक ने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं। उन्हें फरवरी 2026 में राज्यसभा के लिए नामित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अप्रैल 2026 में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC के सत्ता से बाहर होने के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाली रुक्मिणी मल्लिक पार्टी की चौथी सांसद थीं। इससे पहले TMC के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके थे।



