दो पदों के लिए तीन आवेदन का दावा, उपासना ने कहा मेरी मार्कशीट में शीतल रानी से ज्यादा अंक; बीपीएल कार्ड और चयन प्रक्रिया की दोबारा जांच की मांग
बरेली के रामनगर विकासखंड के ग्राम बरसेर सिंकन्दरपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर चयन प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आंगनवाड़ी कार्यकत्री के चयन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए उपासना ने अधिकारियों से मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उपासना का कहना है कि उन्होंने अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर आवेदन किया था, जहां दो पद खाली थे और तीन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया में उनकी दावेदारी को गलत तरीके से निरस्त कर दिया गया।
इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी बरेली की ओर से 2 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी को भेजी गई निस्तारण आख्या में शिकायतकर्ता भरत सिंह वर्मा की ओर से की गई शिकायत का उल्लेख है। पत्र में आंगनवाड़ी केंद्र बरसेर सिंकन्दरपुर, केंद्र कोड 09130140403 पर अंजू वर्मा पुत्री कृष्णपाल वर्मा का एपीएल श्रेणी में शैक्षिक मेरिट अंक 13.505 बताया गया है और चयन समिति द्वारा उन्हें चयनित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसी पत्र में शिकायतकर्ता उपासना के एपीएल श्रेणी में शैक्षिक मेरिट अंक 5.38 बताए गए हैं और शिकायत को निराधार मानते हुए निस्तारित करने का अनुरोध किया गया है।
पीड़िता का दावा सरकारी जवाब से अलग
उपासना का कहना है कि मामले की असली तस्वीर तब सामने आएगी जब उनकी मेरिट की तुलना शीतल रानी से की जाएगी। उनका आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत के दौरान भी शीतल रानी के अंकों को उनके अंकों से सही तरीके से कंपेयर नहीं किया गया। उपासना का दावा है कि उनकी मार्कशीट में शीतल रानी से अधिक अंक हैं और इसके बावजूद चयन प्रक्रिया में उन्हें बाहर कर दिया गया।
उपासना का कहना है कि सरकारी जवाब में अंजू वर्मा के अंकों की तुलना उनके अंकों से की गई है, जबकि उनका मुख्य सवाल शीतल रानी की मेरिट को लेकर है। उनका कहना है कि जब तक सभी आवेदनकर्ताओं की समान आधार पर मेरिट की जांच नहीं की जाती, तब तक चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का सही जवाब नहीं मिल सकता।
दो पदों पर तीन आवेदन का दावा
उपासना के अनुसार संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र पर दो रिक्त पद थे और तीन लोगों ने आवेदन किया था। उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों और मेरिट की सही तरीके से जांच किए बिना उन्हें निरस्त कर दिया गया। पीड़िता चाहती हैं कि सभी अभ्यर्थियों की मूल मार्कशीट, श्रेणी, पात्रता और अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई जाए।
बीपीएल कार्ड को लेकर भी उठाया सवाल
उपासना ने चयन में बीपीएल कार्ड से संबंधित स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि शीतल रानी के पास बीपीएल कार्ड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी उन्हें मिली है, जबकि चयन प्रक्रिया में बीपीएल कार्ड दिखाकर लाभ दिए जाने की बात सामने आ रही है। उपासना का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित दस्तावेजों की भी जांच होनी चाहिए।
पीड़िता का आरोप चयन में हुआ घोटाला
उपासना का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में अनियमितता के कारण उनकी दावेदारी को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि यदि सभी अभ्यर्थियों की मार्कशीट और पात्रता का निष्पक्ष तरीके से मिलान किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वह चाहती हैं कि मामले को केवल एक शिकायत का निस्तारण मानकर बंद न किया जाए, बल्कि संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई जाए।
सरकारी पत्र में अंजू वर्मा का चयन सही बताया गया
जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से भेजी गई निस्तारण आख्या में चयन समिति द्वारा अंजू वर्मा का चयन किए जाने और उनके शैक्षिक मेरिट अंक 13.505 होने का उल्लेख किया गया है। वहीं उपासना के अंक 5.38 बताए गए हैं। विभाग ने इसी आधार पर शिकायत को निराधार मानते हुए निस्तारित करने का अनुरोध किया है।
अब शीतल रानी की मेरिट जांच की मांग
उपासना का कहना है कि उनके मामले का समाधान तभी होगा जब शीतल रानी की मार्कशीट और पात्रता की भी उसी आधार पर जांच की जाए, जिस आधार पर उनकी और अंजू वर्मा की मेरिट देखी गई है। उनका कहना है कि यदि दस्तावेजों की जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सभी सवालों का जवाब मिल सकता है।
दोबारा जांच से सामने आएगी सच्चाई
पीड़िता ने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आंगनवाड़ी चयन से जुड़े सभी अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र, मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र, मेरिट गणना, श्रेणी संबंधी दस्तावेज और बीपीएल कार्ड की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया में यदि कोई गलती या अनियमितता हुई है तो उसे सामने लाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पात्र अभ्यर्थी को उसका अधिकार दिया जाए।
उपासना का कहना है कि उन्होंने पहले भी सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत की थी, लेकिन उनके अनुसार शीतल रानी से उनकी मेरिट की उचित तुलना नहीं की गई। अब वह चाहती हैं कि मामले की निष्पक्ष और दोबारा जांच हो, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता सामने आ सके।
इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी की निस्तारण आख्या में अंजू वर्मा का चयन और उनकी मेरिट का उल्लेख है, जबकि उपासना की ओर से शीतल रानी की मेरिट और पात्रता की तुलना किए जाने की मांग की जा रही है। शीतल रानी और अन्य संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



