भारतीय वायुसेना 17 दिनों तक का लंबा युद्धाभ्यास करने जा रही है जिसके लिए NOTAM जारी कर दिया गया है। भारत के इस फैसले ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
भारतीय वायुसेना बड़े स्तर पर युद्धाभ्यास करने जा रही है। सामने आई जानकारी के अनुसार, वायुसेना 17 दिन का युद्धाभ्यास करने जा रही है। ये अभ्यास 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगा। ये अभ्यास जैसलमेर-बाड़मेर-फलोदी-जोधपुर सेक्टर में होगा। इसके साथ ही NAL-बीकानेर के पास के हवाई क्षेत्र को भी बंद कर दिया गया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान बुरी तरह से घबरा गया है। पाकिस्तान ने इसे लेकर आपात बैठक बुलाई है और सीमा पर निगरानी को बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान की चिंता बढ़ी
सामने आई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायु सेना के 17 दिनों के युद्धाभ्यास को लेकर जारी किए गए NOTAM ने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सर्विलांस को बढ़ा दिया है। इसके अलावा पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने देश के सीनियर रक्षा अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले को पाकिस्तान के ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ के ऑफिस के भी ध्यान में लाया गया है।
तरंग शक्ति के साथ हो सकता है ये अभ्यास
भारतीय वायुसेना की ओर से युद्धाभ्यास के लिए जो हवाई क्षेत्र रिजर्व किया गया है वो 40,000 फीट की ऊंचाई तक फैला है। ये अभ्यास जैसलमेर-बाड़मेर-फलोदी-जोधपुर सेक्टर में होगा। जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 युद्धाभ्यास भी कर सकती है। जिस अभ्यास के लिए NOTAM जारी किया गया है वह इससे मेल खाता है। तरंग शक्ति अभ्यास में कई देशों की वायु सेनाएं शामिल होती हैं और हवाई युद्धाभ्यास करती हैं।
क्या है अभ्यास का मकसद?
आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना के इस युद्धाभ्यास का मकसद अपनी ऑपरेशनल प्रक्रियाओं, बेहतर तालमेल, तैनाती के तरीकों, सैन्यकर्मियों और विमानों की तैयारी को परखना है। इस अभ्यास में वायुसेना के एडवांस्ड फाइटर जेट भी शामिल होंगे और कई ऑपरेशन को अंजाम देंगे। आपको बता दें कि इससे पहले भी भारतीय सेना के युद्धाभ्यास के लिए NOTAM जारी किया जाता रहा है।



