Sunday, October 11, 2026

आपातकाल के 50 साल: अमित शाह ने सेमिनार में रखे विचार

Must Read

नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष सेमिनार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा आघात बताया और कहा कि यह वह समय था जब अभिव्यक्ति की आज़ादी, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतन्त्रता को कुचलने की कोशिश की गई थी।

अमित शाह ने कहा, “आपातकाल भारत के इतिहास का काला अध्याय था, जब सत्ता के मोह में संविधान को ताक पर रख दिया गया। आने वाली पीढ़ियों को इस बात की जानकारी होना जरूरी है कि लोकतंत्र की रक्षा कितने संघर्षों से हुई है।”

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में विपक्ष के नेताओं को जेल में डाल दिया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई और आम नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए। सेमिनार में मौजूद इतिहासकारों, पत्रकारों और पूर्व राजनीतिक कैदियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

अमित शाह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक घटना से सीख लें और लोकतंत्र की रक्षा में अपनी भूमिका निभाएं।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

करनाल में 90 वर्षीय बुजुर्ग रहस्यमय तरीके से लापता, लाल शर्ट और नीली लुंगी पहने निकले चंद्रदेव केवट का नहीं मिला सुराग; परिवार ने...

<strong>करनाल, हरियाणा। </strong>बिहार से रोजी-रोटी कमाने के लिए हरियाणा आए एक परिवार की चिंता उस समय बढ़ गई, जब...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img