Tuesday, November 3, 2026

झूठी शिकायत बंद करने के लिए मांगी 8 लाख रुपये की रिश्वत, रंगे हाथ पकड़े गए GST अधिकारी

Must Read

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लोकायुक्त की टीम ने एक केंद्रीय कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। जानकारी के अनुसार, अधिकारी झूठी शिकायत बंद करने के लिए 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां केंद्र सरकार के एक कर्मचारी को 8 लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। ये कार्रवाई बेंगलुरु शहर की लोकायुक्त टीम ने की है। सामने आई जानकारी के अनुसार सरकारी कर्मचारी सेंट्रल GST, केंद्रीय सदन में काम कर रहा था। आरोप है कि कर्मचारी ने एक झूठी शिकायत को खत्म करने के लिए 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
क्या है पूरा मामला?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु शहर की लोकायुक्त टीम ने PC एक्ट 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7A के तहत सेंट्रल गवर्नमेंट के एक पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।लोकायुक्त टीम ने सफल ट्रैप लगाकर रिश्वत लेते हुए सरकारी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया है। अभियुक्त की पहचान सेंट्रल GST, केंद्रीय सदन, कोरमंगला में कार्यरत मोहित प्रताप सिंह के रूप में हुई है जो कि सुपरिटेंडेंट, सेंट्रल GST, साउथ डिवीजन-4, A-रेंज, साउथ कमिश्नरेट में सेवारत हैं। इनके साथ एक बिचौलिए सलमान शेख भी पकड़ा गया है।
झूठी शिकायत बंद करने के लिए मांगे 8 लाख रुपये
लोकायुक्त कार्यालय की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, पीड़ित सैयद जमीर के खिलाफ सेंट्रल GST से जुड़ी एक झूठी शिकायत को बंद करना के एवज में 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। ऐसे में लोकायुक्त मे कार्रवाई के लिए जाल बिछाया। जैसे ही सुपरिटेंडेंट सेंट्रल GST, केंद्रीय सदन, कोरमंगला में अपने चैंबर में ही रिश्वत ले रहे थे उसी समय कार्रवाई करते हुए उन्हें लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर विजया कृष्णा और उनकी टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। अब अधिकारियों द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।

धारवाड़ में भी तहसीलदार घूस लेते गिरफ्तार
आपको बता दें कि इससे पहले बुधवार को भी कर्नाटक लोकयुक्त ने बड़ी कार्रवाई की थी। लोकायुक्त अधिकारियों ने धारवाड़ के तहसीलदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसे कथित तौर पर कर्नाटक का अब तक का सबसे बड़ा रिश्वत खोरी का मामला कहा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार ने पीड़ित से ये घूस 33 एकड़ जमीन के मालिकाना हक के कागजात बदलने के लिए मांगी थी। रिश्वत की ये रकम 50-50 लाख रुपये की दो किश्तों में मांगी गई थी। आरोप है कि अधिकारी ने रिश्वत के तौर पर कुल 1 करोड़ रुपये और 1 एकड़ जमीन की मांग की थी।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

गोविंदगढ़ में रहस्यमयी बीमारी से दो भैंसों की मौत, 2 लाख रुपये के नुकसान का दावा; हेल्पलाइन 181 पर शिकायत के बावजूद मदद नहीं...

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ ग्राम पगसेड़ी निवासी शेर मोहम्मद पुत्र सूबेदार ने अपनी दुधारू भैंसों की...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img